नई दिल्ली | राजधानी की दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) इस साल गुलाबी बाग, कल्याणवास और बहापुर में 3 बड़े आवासीय प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इनमें गुलाबी बाग और कल्याणवास की परियोजनाएं खास होंगी क्योंकि यहां सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास बनाने के साथ निजी खरीदारों के लिए भी फ्लैट और व्यावसायिक स्थान विकसित किए जाएंगे. गुलाबी बाग और कल्याणवास से होने वाली आय से परियोजनाओं की निर्माण लागत निकालने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, इन परियोजनाओं का मकसद सरकारी जमीन का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आधुनिक और हाई डेंसिटी वाले आवासीय व मिश्रित उपयोग वाले परिसर तैयार करना है.
होगा बड़ा पुनर्विकास
गुलाबी बाग में करीब 70 एकड़ क्षेत्र में पुराने सरकारी क्वार्टर हटाकर हाईराइज परिसर विकसित किया जाएगा. यहां 400-500 एफएआर के आधार पर करीब 2.25 करोड़ वर्गफीट निर्मित क्षेत्र विकसित करने का अनुमान है. इसमें करीब 90 प्रतिशत हिस्सा आवासीय और 10 प्रतिशत व्यावसायिक होगा. व्यावसायिक हिस्से में दुकानें, कार्यालय और मॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं. आवासीय क्षेत्र में टाइप- 2, टाइप- 3 और टाइप- 4 सरकारी आवास के अलावा निजी खरीदारों के लिए भी फ्लैट बनाए जाएंगे. परियोजना को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के नियमों के तहत विकसित किया जाएगा.
लोगों को मिलेंगे फ्लैट
पूर्वी दिल्ली के करीब 32 एकड़ में फैले कल्याणवास परिसर में भी 400-500 एफएआर के तहत निर्माण की योजना है. यहां 90 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय और 10 प्रतिशत व्यावसायिक उपयोग के लिए रखा जाएगा. कुछ फ्लैट सरकारी आवंटन के लिए होंगे, जबकि अतिरिक्त आवासीय इकाइयां निजी खरीदारों को बेची जाएंगी. बहापुर में करीब चार एकड़ जमीन पर लगभग चार लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र वाला प्रोजेक्ट प्रस्तावित है. यहां 160 सरकारी फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनमें 80 टाइप- 5 और 80 टाइप- 6 आवास होंगे. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ रुपये है. इस प्रोजेक्ट में न व्यावसायिक क्षेत्र होगा और न ही निजी बिक्री के लिए फ्लैट रखे जाएंगे.
पीडब्ल्यूडी के अनुसार, तीनों परियोजनाओं के लिए जमीन और मौजूदा भवनों का सर्वे पूरा किया जा चुका है. पुराने आवासों में रह रहे परिवारों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट कर पुनर्विकास का काम किया जाएगा. परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और ठेकेदारों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है.