19 साल की उम्र में भारत को बना दिया विश्व विजेता, ऐसा रहा शैफाली वर्मा के जीवन का प्रेरणादायक सफर

नई दिल्ली | जिस उम्र में आमतौर पर युवा मौज- मस्ती करते नजर आते हैं, उस उम्र में शैफाली वर्मा ने इतिहास रच दिया था. 19 साल की शेफाली वर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने ICC द्वारा आयोजित अंडर- 19 महिला T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड की टीम को धूल चटा दी. उनकी इस उपलब्धि पर अब पूरा देश नाज़ कर रहा है.

Shefali Verma

10 साल पहले हुई थी शैफाली की शुरुआत

शैफाली की क्रिकेट की शुरुआत अब से करीब 10 साल शुरू हुई जब शैफाली रोहतक के वैश्य शिक्षण संस्थान के मैदान में क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रही थी. तब पिता संजीव वर्मा भी मैदान में खड़े होकर उसे खेल की बारीकियां समझा रहे थे. प्रेक्टिस खत्म होने के बाद बच्ची ने खराब बल्ला पिता को दिखाते हुए कहा कि पापा इस बल्ले से गेंद कैसे बाउंड्री के पार जाएगी. यह वह समय था जब स्थानीय बाजारों में ब्रांडेड और क्वालिटी बल्ले उपलब्ध नहीं थे तब पिता ने तुरंत स्कूटर उठाया और मेरठ की तरफ चल दिए.

शाम को जब वह वापस लौटे तो उनके हाथों में 6 ब्रांडेड बल्ले थे. उसी दिन से शैफाली ने अपने सपनों को पूरा करने की ठानी और आज वह भारतीय महिला क्रिकेट के शीर्ष पर काबिज़ हो चुकी हैं.

लड़को के साथ करनी पड़ी प्रैक्टिस

रोहतक की सुनार गली में सराफा का काम करने वाले पिता संजीव बेटी की सफलता की कहानी बताते हुए भावुक हो जाते हैं. वह बताते हैं कि हालांकि वह खुद अच्छे क्रिकेटर होने के बावजूद कभी आगे नहीं बढ़ पाए, लेकिन बेटी के सपनों के साथ वह खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. शुरुआती दौर में शेफाली को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा. रोहतक में उस समय क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए लड़कियों को अलग से सुविधा नहीं मिल पाती थी, इसी लिए मजबूरी वश लड़कों के साथ प्रैक्टिस करनी पड़ी.

इस दौरान शेफाली के बाल भी छोटे करवाने पड़े. बेटी के खेल की कमजोरी को दूर करने के लिए वह रोज उसके साथ मैदान में जाते. शेफाली ने पिता के कहने पर सचिन तेंदुलकर का स्टाइल अपनाया और उन्हें ही अपना आदर्श मानकर अपनी खेल की कमियों को दूर किया.

शैफाली के नाम ढेरों रिकार्ड्स

15 साल की उम्र में शेफाली भारतीय महिला T20 क्रिकेट टीम में शामिल हो गई थी. 6 साल बाद जून 2021 तक पहुंचते पहुंचते वह क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन चुकी थी. अक्टूबर 2022 में वह T20 फॉर्मेट में 1000 रन पूरे करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी. शेफाली की कप्तानी में भारतीय टीम ने अंडर- 19 महिला विश्व कप 2023 को अपने नाम किया.

साल 2023 में आयोजित हुए WPL में उन्हें दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से 2 करोड रुपए की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया गया. शेफाली के नाम कई रिकॉर्ड है, जिनमें महिला क्रिकेट के ओलंपिक मुकाबले में पहला अध्यक्ष बनाने का रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्ध शतक लगाने के रिकॉर्ड समेत आने को कीर्तिमान शामिल है.

शेफाली के पिता संजीव वर्मा बताते हैं कि वह अपने परिवार से काफी ज्यादा लगा रखती है. हर बड़े मैच से पहले वह जिद करती है कि उसकी परफॉर्मेंस देखने के लिए मैं स्टेडियम में मौजूद रहूं. शेफाली जैसी बेटी को पाकर मैं खुद को काफी सौभाग्यशाली मानता हूं.

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