नई दिल्ली | भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों की कोई कमी नहीं है. देश ही नहीं, विदेशों में भी बांके बिहारी के भक्त निवास करते हैं. अगर आप भी श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त हैं और उनसे किसी वरदान की उम्मीद रखते हैं, तो आपको दिल्ली स्थित इस चमत्कारी वट वृक्ष के दर्शन जरूर करने चाहिए. इससे आपके इष्ट देव की आपके और आपके परिवार के ऊपर कृपा दृष्टि बनी रहेगी.
माखन कटोरी वट वृक्ष
ऐसा माना जाता है कि द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण छोटे थे, तब वह मक्खन को चुराकर खाते थे. उस समय मां यशोदा की मार से बचने के लिए वह मक्खन को एक पेड़ पर छुपा देते थे, जिसे माखन कटोरी वट वृक्ष कहा जाता है. यही कारण है कि यह पूरा पेड़ इसी नाम से मशहूर है. दिल्ली वृंदावन में यह पेड़ मौजूद है. नेशनल रेल म्यूजियम के कैंपस में आपको यह पेड़ देखने को मिल जाएगा. इसका नाम ‘कृष्ण वट वृक्ष’ रखा गया है. देखने में यह काफी सुंदर और विशाल है.
पत्तियों से निकलता है सफेद तरल
एक और बात जो इसे खास बनाती है, वह यह है कि यदि इसके पत्तों को तोड़ा जाए, तो सफेद रंग का तरल पदार्थ निकलता है. ऐसा माना जाता है कि द्वापर युग में ही इसे यह वरदान प्राप्त हुआ था, क्योंकि माखन सफेद होता है. इसी कारण इसके पत्तों को तोड़ने पर सफेद रंग का द्रव्य निकलता है. इस वृक्ष की खासियत इसकी पत्तियां भी हैं, क्योंकि इसके पत्ते बड़े कटोरी जैसे होते हैं और छोटे पत्ते चम्मच की तरह होते हैं.
ऐसा माना जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण लोगों के घरों से माखन चुराते थे, तो इन्हीं पत्तों की कटोरी बनाकर उसे वहीं छुपा देते थे. तभी से इसकी पत्तियों का आकार कटोरी जैसा हो गया है.
कटोरी में लगाते हैं भोग
ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के दिन या अन्य पूजन अवसरों पर इस पेड़ की पत्तियों से बनी कटोरी में भोग चढ़ाया जाए, तो भगवान शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की समस्याओं का निवारण करते हैं. राजधानी दिल्ली के नेशनल रेल म्यूजियम में स्थित इस पेड़ को देखने के लिए देश- विदेश से लोग आते हैं. इसकी पत्तियों को तोड़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. यह वृक्ष भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करता है और इसकी जड़ें भी बेहद गहरी होती हैं.
