नई दिल्ली | राजधानी की पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र की शिवनगर कॉलोनी में सीवर जाम की समस्या से करीब 500 परिवार परेशान हैं. गली नंबर 21 से 24 तक पिछले 6 महीने से सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा है. बदबूदार पानी के बीच से होकर स्थानीय लोगों को रोजाना घर से बाहर निकलना और वापस लौटना पड़ रहा है. निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में आसपास बड़ी- बड़ी इमारतें बन गई हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित और साफ पेयजल तक नहीं मिल पा रहा है. सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गलियों में लगातार गंदा पानी जमा रहता है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं. लंबे समय से जमा पानी में मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है. शिवनगर पहले भी डेंगू प्रभावित क्षेत्र रहा है, इसलिए लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का डर सता रहा है.
बढ़ा खतरा
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी इसी पानी से होकर गुजरना पड़ता है. इससे फिसलने, गिरने और संक्रमण का खतरा बना रहता है. सीवर के साथ कॉलोनी में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है. लोगों का कहना है कि पानी की सप्लाई नियमित नहीं है और कई बार आने वाला पानी भी दूषित होता है. बोरिंग वाले घरों में खारा पानी आने की शिकायत है. ऐसे में कई परिवार पीने और घरेलू जरूरतों के लिए बाजार से RO पानी खरीद रहे हैं, जिससे हर महीने खर्च बढ़ रहा है.
CM ऑफिस तक शिकायत
स्थानीय निवासियों का दावा है कि समस्या को लेकर जनकपुरी विधायक आशीष सूद, जल मंत्री प्रवेश वर्मा और मुख्यमंत्री कार्यालय तक कई बार शिकायत की जा चुकी है. इसके बावजूद सीवर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ. लोगों ने प्रशासन से तत्काल सीवर की सफाई कराने, गलियों से जलभराव हटाने और नियमित साफ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है.
40 साल में ऐसी बदहाली नहीं देखी. डेढ़ साल से पानी खरीद रहे हैं, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ- हरसिमरन सिंह, स्थानीय निवासी
सीवर का पानी दरवाजे तक जमा रहता है. पानी की कमी के कारण बाल धोने के लिए भी पार्लर जाना पड़ता है- परमजीत कौर, स्थानीय निवासी
छह महीने से गंदा पानी जमा है. मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और डेंगू का डर बना हुआ है- सुमिंदर मलिक, स्थानीय निवासी
बड़ी इमारतों के बीच रहने के बावजूद साफ पानी नहीं मिल रहा. रोज गंदे पानी से होकर घर जाना पड़ता है- बलबीर सिंह, स्थानीय निवासी
