नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अपने पुराने तरीके पर लौट रही है. इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस की तमाम संबंधित विभागों से पिछले कई दिनों से लगातार बैठकें चल रही है. इसी कड़ी में ट्रैफिक पुलिस ने सबसे कारगर प्रयास के तौर पर पहले पीक आवर्स में जाम को संभालने के लिए लाउड हेलर का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है.
इन रूटों पर होगी व्यवस्था
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का यह पुराना परम्परागत तरीका रहा है जिसे इस तकनीकी युग में बंद कर दिया गया था, लेकिन अब फिर से पुलिस इस परम्परागत तरीके को अपनाने जा रही है. विशेष आयुक्त, ट्रैफिक पुलिस दिल्ली अजय चौधरी ने बताया कि सुबह और शाम के समय के दौरान पीक आवर्स में बाइक सवार ट्रैफिक पुलिसकर्मी लाउड हेडर का इस्तेमाल करेंगे.
अजय चौधरी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में मथुरा रोड, आईआईटी से मोदी मील, धौलाकुआं से गुरुग्राम बॉर्डर, महरौली- बदरपुर रोड आदि पर केवल तीन- तीन कैरिज्वे में इस तरह की व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी. प्रयोग अगर सफल रहा तो पूरी दिल्ली में इस व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा.
ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
उन्होंने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पास हजारों की संख्या में लाउड हेलर हैं. बाइक पर सवार होकर दो-दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी लाउड हेलर लेकर गश्त करेंगे. पुलिसकर्मियों को जहां कोई गाड़ी रोककर खड़ा होते, वाहन चलाने के दौरान मोबाइल का प्रयोग करते नजर पड़ेगी. सड़कों पर अतिक्रमण दिखेगा, वाहनों के ब्रेक डाउन होने का पता चलेगा तब पुलिसकर्मी लाउड हेलर से वाहन चालकों को निर्देश जारी करेंगे.
एडिशनल पुलिस आयुक्त सत्यवीर कटारा का कहना है कि ट्रैफिक जाम से छुटकारा दिलाने के लिए हर संभव रणनीति तैयार की जा रही है. उन्होंने बताया कि यह बहुत कारगर प्रयोग साबित हो सकता है. धीरे- धीरे गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों को चालान काटने की अनुमति दे दी जाएगी. इससे निश्चित तौर पर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा.
