हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों में डिजिटल बोर्ड का इस्तेमाल होगा अनिवार्य

रोहतक | शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है. हरियाणा के राजकीय सीनियर सेकंडरी व मिडिल स्कूलों में डिजिटल बोर्ड का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है. शिक्षा विभाग ने इसके लिए सभी स्कूल मुखियाओं को ऑर्डर दे दिए हैं. यदि किसी विद्यालय में डिजिटल बोर्ड का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा होगा, तो स्कूल मुखिया व क्लास इंचार्ज की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी.

Digital Board School Student

जल्दी सीख पाएंगे छात्र

इस फैसले का मुख्य लक्ष्य तकनीक के जरिये पढ़ाई को रोचक व सरल बनाना है. विभाग का मानना है कि वीडियो, चित्र और ऑडियो के जरिये छात्र कठिन विषयों को जल्दी समझ सकेंगे. डिजिटल बोर्ड के माध्यम से बच्चे आसानी से पढ़ाई कर पाएंगे और मुश्किल विषयों को भी जल्दी समझ पाएंगे. इसके लिए अधिकारियों की तरफ से राज्य के स्कूलों में दी जा रही डिजिटल सुविधाओं की समीक्षा की गयी थी.

स्मार्ट बोर्ड जरूरी

इस समीक्षा में कई स्कूलों में डिजिटल बोर्ड या तो बंद पड़े मिले, या फिर बोर्ड का इस्तेमाल करने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है. अब शिक्षा विभाग ने इसे सख्ती से लागू कर दिया है. कई स्कूलों में डिजिटल बोर्ड खराब पड़े हुए है. अब उनकी मरम्मत स्कूल मुखियाओं को अपने स्तर पर करवानी होगी. यदि डिजिटल बोर्ड अभी भी गारंटी में हैं, तो उनको कंपनी द्वारा ठीक करवाया जाएगा. यदि गांरटी में नहीं हैं तो उसे बाजार से ठीक करवाना होगा, ताकि बच्चों को डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल पाये.

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रोहतक के जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने बताया कि स्कूलों में डिजिटल बोर्ड का रेगुलर रूप से प्रयोग करने के लिए स्कूल मुखियाओं को आदेश जारी किए गए हैं. यदि किसी स्कूल में डिजिटल बोर्ड का प्रयोग करते नहीं पाया गया, तो स्कूल मुखिया व इंचार्ज की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.