सोनीपत | हरियाणा के सोनीपत जिले के सिसाना गांव की निवासी समाजसेवी पारुल दहिया ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है. उन्होंने कैंसर पीड़ितों के लिए दूसरी बार अपने बालों का दान किया है, ताकि उनकी पीड़ा कम हो सके और उन्हें नया आत्मविश्वास मिले. यह निस्वार्थ सेवा समाज के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाती है.
17 बार रक्तदान
पारुल दहिया अब तक 17 बार रक्तदान कर चुकी हैं और सैकड़ों रक्तदान शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन कर चुकी हैं. उनके इन अतुलनीय कार्यों के लिए उन्हें हरियाणा के माननीय राज्यपाल, सोनीपत जिला प्रशासन, स्वामी रामदेव और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है.
उनकी इस पहल ने समाज में जागरूकता और प्रेरणा का संचार किया है. पारुल जी का जीवन वाकई इस विचार को साकार करता है कि “जीवन वही है, जो दूसरों के लिए जिया जाए.” पारुल दहिया जैसी समाजसेवियों से हमें सीख लेनी चाहिए और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए.
पहले भी दान किए थे बाल
इससे पहले भी एक बार पारूल दहिया कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए अपने बाल दान कर चुकी हैं. अपने पति आशीष दहिया, जो दिल्ली पुलिस में कमांडो है और 150 बार से ज्यादा रक्तदान कर चुके हैं. उन्हें जब सूचना मिली कि तमिलनाडु की एक संस्था हेयर क्राउन जो कैंसर पीड़ितों के लिए विग बनवाती हैं और उसके लिए महिलाओं के लंबे बालों की आवश्यकता पड़ती है. तब भी उन्होंने खुशी- खुशी अपने बाल दान किए थे.
