चंडीगढ़ | दक्षिण- पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अब हरियाणा के हिसार तक पहुंच गया है. मानसूनी रेखा हरियाणा के हिसार और पंजाब के बठिंडा से गुजर रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के शेष इलाकों को कवर करते हुए हरियाणा के नए क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है. अगले 4 से 5 दिनों में इसके पूरे प्रदेश में फैलने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. मानसून की सक्रियता बढ़ने से आज से राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.

हरियाणा मौसम अपडेट
मौसम विभाग ने हरियाणा के 17 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. इसके तहत अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रोहतक समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है.
रहे अलर्ट
मानसून का असर पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा में अधिक देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों में यमुनानगर में सबसे ज्यादा 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा सोनीपत में 6.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6.0 मिमी और गुरुग्राम में 5.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. वहीं पश्चिमी हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद में अभी मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई. हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जुलाई से मानसूनी सिस्टम पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा और लगभग सभी जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी.
किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कृषि गतिविधियां मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही करें. सिंचाई, खाद और कीटनाशकों का छिड़काव बारिश की संभावना के अनुसार करें. धान की नर्सरी और कपास की खेती करने वाले किसान खेतों में जलभराव से बचने के लिए पानी की निकासी का उचित प्रबंधन रखें. विभाग का कहना है कि यह बारिश धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी. इससे किसानों को खेती के कार्यों में भी काफी मदद मिलेगी.