चंडीगढ़ | प्रदेश के विभिन्न शहरों में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा 6 जुलाई, 2020 के बाद रद्द किए गए सभी रिहायशी प्लॉटों को नियमित किया जाएगा. HSVP की बैठक में एमनेस्टी योजना लांच करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह घोषणा की है. ई-नीलामी के माध्यम से इन प्लॉटों की बिक्री की जाएगी. प्रदेश सरकार के इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत पहुंचेगी.
एमनेस्टी योजना हुई लागू
एमनेस्टी योजना लांच करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि ई-नीलामियों में खरीदे गए रिहायशी श्रेणी के प्लॉटों (ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को छोड़कर) पर यह योजना लागू होगी. जो बोलीदाता प्लॉट की कुल लागत के 25% में से न्यूनतम 15 प्रतिशत राशि पहले ही जमा कर चुके थे, किंतु शेष राशि समय पर जमा न कर पाने के कारण जिनके प्लॉट रद्द कर दिए गए थे, वे अब इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे.
ऐसे आवंटियों को अपनी बकाया राशि पर 18% सालाना ब्याज सहित पूर्ण भुगतान करना होगा. यह ब्याज दर देय तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान तिथि तक लागू रहेगी. पहली एमनेस्टी योजना का लाभ न उठा पाने वाले बोलीदाता इस योजना के तहत भी पात्र होंगे.
60 दिन में जमा करानी होगी राशि
ऐसे आवंटियों को बकाया राशि पर 24% वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करना होगा. संपूर्ण राशि (मूल ब्याज) योजना की अधिसूचना जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर जमा करनी होगी. इस अवधि में कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा और किस्तों में भुगतान का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं होगा.
