हिसार | चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में तीन दिवसीय कृषि मेला प्रारंभ हो गया है. मेले में बतौर चीफ गेस्ट शिरकत करने पहुंचे सूबे के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने अपने संबोधन में किसानों के हित में बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को मंडियों में सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा है, जिसके चलते हमारी सरकार ने 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने का फैसला लिया है. इस संबंध में हैफेड को निर्देश जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की 114 अनाज मंडियों में हैफेड 5450 रुपए प्रति क्विंटल के रेट पर सरसों की खरीद करेगी.
जेपी दलाल ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है और कई जगहों से लगातार शिकायतें आ रही थी कि किसानों को MSP से भी कम रेट पर सरसों बेचनी पड़ रही है. इसी वजह से 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने का निर्णय लिया गया है जबकि पहले यह तारीख 28 मार्च थी. इस बारे में हैफेड को पूरी तैयारियां करने संबंधी ज़रुरी दिशानिर्देश दिए गए हैं ताकि फसल लेकर मंडी में पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.
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वहीं, आलू का कम भाव मिलने के मामले पर कृषि मंत्री ने कहा कि किसान मंडियों में अपना आलू बेचें और जो फॉर्म लेकर आएं. हम भावांतर योजना के तहत, किसानों के नुकसान की भरपाई करेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों को परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी खेती की ओर बढ़ना होगा जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकें.
इसके साथ ही, उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि फसलों में रासायनिक तत्वों और कीटनाशकों का छिड़काव कम से कम करें. ज्यादा दवाईयों के स्प्रे और खाद के छिड़काव से कई तरह की बीमारियां इंसान को घेर रही है. उन्होंने बताया कि सरकार ने बारिश के पानी से फसलों को काफी नुकसान से बचाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है.
