आज देशभर में मनाया जा रहा अक्षय तृतीया का पर्व, इस प्रकार करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न

ज्योतिष | आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन देशभर में अक्षय तृतीया पर्व मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की पूजा करने का विशेष महत्व है. इससे जातकों को तमाम तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है. ज्योतिष शास्त्र में भी अक्षय तृतीया के संबंध में कुछ विशेष प्रकार के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है जिनका पालन करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है.

lord vishnu

बता दे कि भगवान विष्णु को तुलसी सबसे ज्यादा प्रिय होती है. आज के दिन तुलसी से संबंधित कुछ विशेष उपाय करने से आपको विशेष फल की प्राप्ति होती है. अक्षय तृतीया पर तुलसी से संबंधित कुछ आसान से उपाय किए जाए तो आपको भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आज की इस खबर में हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में जानकारी देंगे.

आज के दिन करें तुलसी से जुड़े कुछ जरूरी उपाय

  • यदि आप आर्थिक समृद्धि प्राप्त करना चाहते हैं तो आज के दिन मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा के समय पीले पुष्प के साथ- साथ तुलसी के कुछ पत्ते भी उन्हें अर्पित करें. ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु के साथ- साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  • अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ- साथ मां तुलसी की उपासना भी करें. इस दिन तुलसी के गमले पर स्वास्तिक चिन्ह बनाए. धूप, दीप, पुष्प आदि अर्पित करें, आपको विशेष लाभ मिलेगा.
  • भगवान विष्णु को तुलसी सबसे अधिक प्रिय है, इसीलिए आज तुलसी का नया पौधा अपने घर में लाए. ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा साधक सदैव आप पर बनी रहेगी.
  • आज भगवान विष्णु को भोग अर्पित करना काफी अच्छा माना जाता है. साथ ही, आप उस भोग में तुलसी के पत्ते भी डालें, जिससे भगवान विष्णु जल्दी प्रसन्न होंगे और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे.
यह भी पढ़े -  आज अक्षय तृतीया पर करें यह 4 आसान उपाय, बिना सोना खरीदे भी आएगी लक्ष्मी

जानिए अक्षय तृतीया का महत्व

मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान- पुण्य व पूजन की वजह से धर्मदास अपने अगले जन्म में बहुत धनी एवं प्रतापी राजा बने. वे इतने धनी और प्रतापी राजा थे कि त्रिदेव तक उसके दरबार में अक्षय तृतीया के दिन ब्राह्मण का वेष धारण करके उसके महायज्ञ में शामिल होते थे. अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है. अक्षय अर्थात जिसका कभी क्षय नहीं हो. माना जाता है कि इस दिन जो भी पुण्य अर्जित किए जाते हैं, उनका कभी क्षय नहीं होता है. यही वजह है कि ज्यादातर शुभ कार्यों का आरंभ इसी दिन होता है.

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.

Avatar of Meenu Rajput
Meenu Rajput
View all posts

मेरा नाम मीनू राजपूत है. हरियाणा ई खबर के साथ पिछले 6 साल से कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रही हूँ. मैं यहाँ पर ज्योतिष, फाइनेंस और बिजनेस से जुडी न्यूज़ कवर करती हूँ.