नई दिल्ली, Tourist Places | जून का महीना आते ही लोग घूमने निकल जाते हैं. बता दें कि इस महीनों में विद्यार्थियों की भी छुट्टियां होती है जिस वजह से पूरी फैमिली एक साथ घूमने चली जाती है. यदि आप भी दिल्ली या दिल्ली के आसपास वाले इलाकों में रहते हैं तो आपको पता होगा कि मौजूदा समय में इन स्थानों पर गर्मी काफी ज्यादा होती है. इसी वजह से इन लोगों को शिमला और मसूरी जैसी जगहों पर घूमना काफी पसंद होता था.
अब दिल्ली के पास होने की वजह से यहां जाने से लोग बोर होने लगे हैं. इस वजह से अब अधिकतर लोग शिमला- मसूरी को छोड़कर पूर्वोत्तर की तरफ अपना रुख कर रहे हैं.
पूर्वोत्तर राज्य बने पर्यटकों की पहली पसंद
अधिकतर लोगों को छुट्टियां मनाने के लिए ऐसी जगह पसंद होती है, जहां पर ज्यादा भीड़भाड़ ना हो. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्रसिद्ध हिल स्टेशन है. जिस वजह से वहां पर भारी तादाद में लोग जमा होते हैं. ट्रेनों और फ्लाइटों के लिए भी लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है. वहां जाकर होटल का इंतजाम करना भी कोई आसान काम नहीं है, ऐसे में अब लोग पूर्वोत्तर की तरफ जाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं.
अब दिल्ली एनसीआर के आसपास रहने वाले लोग शिमला- मसूरी की बजाय पूर्वोत्तर के राज्यों में घूमना ज्यादा पसंद करते हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर व मिजोरम शामिल है. इसमें एक कामाख्या मंदिर, सिलांग, काजीरंगा पार्क, गुवाहाटी आइजोल, गंगटोक जैसे पर्यटन स्थल है, जहां पर लोगों को घूमना काफी पसंद है. देश के प्रमुख टूर ट्रैवल संगठनों के आंकड़ों की मानी जाए तो इस साल घरेलू पर्यटन में 20% का उछाल देखने को मिल रहा है. पिछले साल के मुकाबले इस साल 15 परसेंट ज्यादा लोगों ने घूमने के लिए पूर्वोत्तर का रास्ता लिया है.
पड़ोसी देशों में घूमने जा रहे अधिकतर पर्यटक
वहीं, दूसरी तरफ अगर बाहरी देशों की बात की जाए तो एक समय ऐसा भी था कि लोग यूरोप, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में जाना पसंद करते थे. यहां जाने के लिए उन्हें लाखों रुपए खर्च करने होते थे. साथ में वीजा के लिए भी पापड़ बेलने पड़ते थे. इसके विपरीत, अब लोग भारत के पड़ोसी देशों जैसे मॉरीशस, बैंकॉक, बाली, भूटान, नेपाल, श्रीलंका अधिक घूमना ज्यादा पसंद करते हैं.
इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना के समय पर्यटन पर काफी प्रभाव पड़ा था. अब कोरोना की मार से घरेलू पर्यटन काफी हद तक उभर चुका है जो एक बेहद अच्छी खबर है.
