ज्योतिष | हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के त्यौहार को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है. यह त्यौहार भाई- बहन के प्रेम का प्रतीक है. हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2024) का पर्व मनाया जाता है, इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए उनके हाथ में रक्षा सूत्र बांधती है और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है. वहीं, भाई भी अपनी बहन को रक्षा करने का वचन देते है और उन्हें उपहार देते हैं.
आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे कि अबकी बार रक्षाबंधन का पर्व किस तारीख को है और राखी बांधने के लिए क्या शुभ मुहूर्त रहने वाला है.
अबकी बार कब है रक्षाबंधन का पर्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त को सुबह 3:04 मिनट से शुरू हो रही है, जो रात को 11:55 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व अबकी बार 19 अगस्त को मनाया जाएगा. राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 1:46 मिनट से शुरू होकर 4:19 मिनट तक रहने वाला है.
रक्षाबंधन से जुड़ी हुई पौराणिक कथाएं
जैसा की आपको पता है कि रक्षाबंधन मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं भी प्रचलित है. आज की इस खबर में भी हम आपको एक ऐसी ही कथा के बारे में जानकारी देने वाले हैं. हिंदू ग्रंथों में दी गई जानकारी के अनुसार, जब असुरों और देवताओं के बीच युद्ध चल रहा था, तो इस युद्ध में इंद्रदेव हार गए थे. तब उनकी पत्नी इंद्राणी ने उनकी सुरक्षा के लिए दृढ़ होकर और युद्ध जीतने के लिए इंद्र की कलाई पर एक पवित्र पीला धागा बांधा था जिससे वह युद्ध में विजयी हुए थे.
जब राजा बलि ने भगवान विष्णु से वचन लेकर उन्हें अपने साथ पातालोक में रख लिया था, तो ऐसे में मां लक्ष्मी ने रक्षा राजा बलि की कलाई पर राखी बांधी और उनसे उपहार के रूप में भगवान विष्णु की वापसी का अनुरोध किया था. महाभारत काल में रानी द्रौपदी ने भी एक बार कृष्ण की चोट को ठीक करने के लिए उनकी कलाई पर पोशाक से फटे हुए पीले कपड़े का एक टुकड़ा बांधा था.
