यमुनानगर | सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पराली जलाए जाने और उससे वायु प्रदूषण होने की घटनाएं सामने आना शुरू हो जाती हैं. प्रशासन द्वारा भी इन्हें कंट्रोल में करने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं से ऐसी घटनाएं सामने आ ही जाती हैं. अब यमुनानगर जिले में धान की फसल काटने के बाद अवशेषों में आग लगाने के मामले बढ़ने की खबरें सामने आई है, जिसके कारण जिला प्रशासन द्वारा पराली जलाने वाले किसानों पर सख्ती बरतने का फैसला लिया गया है. अगर कोई भी किसान खेत में पराली जलाता हुआ मिलता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
दर्ज़ होगी FIR
बता दें कि अब तक पराली जलाने पर ₹2500 प्रति एकड़ का जुर्माना लगाने का प्रावधान था, लेकिन अब FIR दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद पराली जलाने के मामलों में कमी आएगी. पिछले साल भी ऐसे 98 मामले दर्ज किए गए थे. हालांकि, अबकी बार इनमें काफी कमी देखी गई है. अब की साल ऐसे 20 मामले सामने आए हैं, जिनमें से ट्रेस हुए 11 मामलों में आरोपियों से 27,500 रूपए जुर्माना लिया गया है. ऐसे मामलों में इस सीजन में अब तक केवल एक एफआईआर दर्ज हुई है.
