हिसार | खेल मैदान में सिर्फ लड़के ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत देश- दुनिया में नाम कमा रही है. इसी कड़ी में हरियाणा के हिसार जिले के गांव बिठमड़ा की रहने वाली मीनू धत्तरवाल ने अपने शानदार खेल की बदौलत भारतीय खो- खो टीम में अपनी जगह बनाई है. दिल्ली में आयोजित होने वाले खो- खो विश्वकप के लिए मीनू को भारतीय टीम में चुना गया है. कोच की देखरेख में इन दिनों टीम दिल्ली में कड़ा अभ्यास कर रही है.
आसान नहीं रहा सफर
मीनू धत्तरवाल ने बताया कि भारतीय खो- खो टीम ने चयनित होने का सफर इतना आसान नहीं रहा. बचपन में ही पिता का साथ छूट गया था, लेकिन मां और परिजनों के साथ- साथ डीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बिठमड़ा के चेयरमैन संजय धत्तरवाल ने उनका हौसला बढ़ाया. स्कूल में विशेष प्रशिक्षण और निरंतर कड़ी मेहनत की बदौलत पहले भारतीय टीम के कैंप में जगह बनाई और फिर कड़े परीक्षण के बाद खो- खो विश्वकप के लिए टीम में शामिल हुई.
मीनू धत्तरवाल ने बताया कि भारतीय खो- खो टीम में शामिल होना उनके लिए सपना साकार होने जैसा है. अब उनका लक्ष्य जिला, राज्य और देश को पहला खो- खो विश्वकप जिताने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना रहेगा. खो- खो विश्वकप में भारतीय टीम 14 जनवरी को पहले मैच में दक्षिण कोरिया के सामने होगी.
पूरे गांव को बेटी पर गर्व
संजय धत्तरवाल ने बताया कि उन्होंने मीनू धत्तरवाल की प्रतिभा को पहचानते हुए उनके खेल को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी. आज उनकी मेहनत रंग लाई है और मीनू विश्व कप में भारतीय खो- खो टीम का प्रतिनिधित्व करेगी.
ग्रामीणों ने बेटी मीनू के भारतीय खो- खो टीम में चयनित होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन पलों का बेसब्री से इंतजार है जब मीनू अपने योगदान की बदौलत भारतीय खो- खो टीम को विश्वकप विजेता बनाएगी. ग्रामीणों ने कहा कि मीनू दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है. इससे दूसरी लड़कियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.
