नूंह | हरियाणा के नूंह जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा पहली महिला रिजर्व बटालियन स्थापित की जाएगी. यह पहल महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व और सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. गृह मंत्रालय ने इस बटालियन के गठन के लिए कुल 1025 पदों को मंजूरी दी है, जिससे महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी.
गृह मंत्रालय ने दी स्वीकृति
इस बारे में जानकारी देते हुए यमुनानगर थर्मल पावर प्लांट के असिस्टेंट कमांडेंट टीकम सिंह चौहान ने बताया कि CISF ने नूंह में 50 एकड़ भूमि का मूल्यांकन किया है, जो महिला बटालियन की स्थापना के लिए उपयुक्त पाई गई. गृह मंत्रालय ने 24 जनवरी 2025 को इस प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है. बता दें कि वर्तमान में दिल्ली- NCR क्षेत्र में CISF की प्रमुख यूनिट्स कार्यरत हैं, जिनमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, संसद भवन परिसर, केंद्रीय सरकारी भवन सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण इकाइयाँ शामिल हैं.
महिला सुरक्षाकर्मियों की मांग में होगा इजाफा
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि भविष्य में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद महिला सुरक्षा कर्मियों की मांग में वृद्धि होगी. इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय द्वारा CISF को इसकी मंजूरी दी गई है. हाल ही में, CISF ने नूंह स्थित गांव इंद्री में भूमि अधिग्रहण किया है. फिलहाल, CISF की पहली महिला रिजर्व बटालियन मध्य प्रदेश के बड़वाहा में स्थित है, जिसे भविष्य में नूंह में स्थानांतरित किया जाएगा.
