ज्योतिष | देवताओं के गुरु कहे जाने वाले बृहस्पति एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन (Rashi Parivartan) करने के लिए जाने जाते हैं. गुरु के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव भी लगभग सभी 12 राशि के जातकों पर दिखाई देता है. गुरु यानि बृहस्पति को राशि परिवर्तन करने में तकरीबन 1 साल का समय लग जाता है. गुरु के राशि परिवर्तन की वजह से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने वाला है. आज हम आपको उन्हीं के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
साल 2025 में गुरु ग्रह दोगुना गति से विचरण करेंगे, ऐसे में वह 1 साल के अंदर दो बार राशि परिवर्तन करेंगे. इस साल गुरु मिथुन और फिर उसके बाद अक्टूबर महीने में अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर जाएंगे. गुरु के कर्क राशि में जाने की वजह से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने वाला है. आज हम आपको उनके बारे में जानकारी देने वाले हैं.
इन राशियों पर होगी गुरु की विशेष कृपा
मेष राशि: कर्क राशि में प्रवेश करके गुरु इस राशि के चौथे भाव में रहने वाले हैं. ऐसे में इस राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में अपार सफलता मिलने वाली है, लंबे समय से आप किसी परेशानी का सामना कर रहे थे तो अब वह भी दूर हो जाएगी. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. जल्द ही, आपका वाहन या संपत्ति खरीदने का सपना भी पूरा हो सकता है. अपने काम करने की क्षमता और गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी, परिवार के साथ भी आप अच्छा समय व्यतीत करने वाले हैं.
कन्या राशि: इस राशि के जातकों के लिए गुरु का कर्क राशि में होना काफी अच्छा साबित होगा. लंबे समय से रुके हुए सभी काम बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. आप परिवार के साथ भी अच्छा समय व्यतीत करते हुए दिखाई देंगे, अविवाहित लोगों को शादी के प्रस्ताव मिल सकते हैं. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को भी विशेष लाभ मिलने वाला है. जल्द ही, आपको कोई बड़ा पद मिल सकता है. कुल मिलाकर आपका समय काफी अच्छा रहने वाला है.
धनु राशि: गुरु इस राशि के स्वामी होने के साथ- साथ चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे. ऐसे में इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने वाला है, अध्यात्म की ओर भी आपका झुकाव बढ़ेगा. जीवन में खुशियों की दस्तक होगी. समाज में आपका मान- सम्मान बढ़ेगा. देश-विदेश में आपकी ख्याति बढ़ेगी, करियर में भी आपको विशेष लाभ मिलने वाला है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
