चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई थी. इस कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई है. अब दुकानों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा. इसमें पहले की तरह 2400 दुकानें आवंटित की जाएंगी, जिसमें 1200 जोन होंगे. इस नई नीति में बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थान इत्यादि से ठेकों/ शराब की दुकानों की दूरी अब 150 मीटर की गई है, पहले यह दूरी 75 मीटर होती थी.
नेशनल हाईवे पर नहीं होंगे ठेके
नेशनल हाईवे/ स्टेट हाईवे से उचित दूरी पर स्थापित ठेकों/ शराब की दुकानों को किसी भी प्रकार का विज्ञापन या साइन बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं होगी. इस नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि नेशनल हाईवे तथा स्टेट हाईवे से सीधे तौर पर कोई भी शराब की दुकान या ठेका दिखना नहीं चाहिए. यदि ऐसी कोई विज्ञापन या साइन बोर्ड किसी भी जोन में पाया जाता है, तो पहली बार 1 लाख रुपए, दूसरी बार 2 लाख रुपए तथा तीसरी बार 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. उसके बाद, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
गांव में नहीं खोला जाएगा एक भी ठेका
इस नई नीति में यह प्रावधान किया गया है कि 500 से कम आबादी वाले गांव में एक भी ठेका नहीं खोला जाएगा. इस प्रावधान से अब लगभग 700 से ज्यादा गांवों में 152 ठेके बंद हो जाएंगे. नई नीति में अहाता खोलने के लिए गुरुग्राम में लाइसेंस फीस का 4% और फरीदाबाद, सोनीपत व पंचकूला में लाइसेंस फीस का 3% तथा बाकी जिलों में लाइसेंस फीस का 1% राशि देकर अहाता खोला जा सकता है. पुरानी आबकारी नीति में अहाता के लिए एरिया की कोई सीमा नहीं थी, जबकि इस नई नीति में अब अहाते के लिए 1000 स्क्वेयर मीटर एरिया निर्धारित किया गया है.
यह रहेगी समयावधि
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि आबकारी नीति वर्ष को वित्त वर्ष के साथ जोड़ा गया है. यानि इसके बार जो भी नई नीति आएगी, वह अप्रैल से मार्च वित्त वर्ष के अनुसार ही संचालित होगी. सोमवार को मंजूरी की गई नई नीति 12 जून 2025 से 31 मार्च 2027 तक यानि 21.5 महीनों के लिए लागू होगी.
