चंडीगढ़ | अगर आप भी हरियाणा प्रदेश में रहते हैं और नया घर बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए है. राज्य में अब दूसरे राज्यों से आने वाले पत्थर, गोल पत्थर और रेत- बजरी पर पहले की तुलना में काम टैक्स लगने वाला है. CM नायब सिंह सैनी की तरफ से बड़ी राहत देते हुए शुल्क में कमी की गई है. जानकारी देते हुए बताया गया कि खनिज से भरे वाहनों को 100 की बजाय अब 80 रुपये प्रति टन के हिसाब से ही शुल्क का भुगतान करना होगा. आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.
CM सैनी का बड़ा ऐलान
पत्थर और बॉल्डर पर रॉयल्टी को भी सो रुपए से घटकर 80 रूपये प्रति टन करने का फैसला लिया गया है. खान एवं भू राजस्व विभाग के आयुक्त एवं सचिव टीएल सत्य प्रकाश की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि दूसरे राज्यों से आने वाली खनन सामग्री पर टैक्स दरों में 20 रूपये प्रति टन की गिरावट करने का बड़ा फैसला लिया गया है. इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. हरियाणा में कुल 6 राज्यों से खनन सामग्री लाई जाती है.
खनिज से भरे वाहनों को बड़ी राहत
26 जून को मंत्रिमंडल की एक जरूरी बैठक हुई थी. उसमें अंतर राज्य परिवहन के लिए 100 रूपये प्रति टन, पत्थर की रॉयल्टी को 45 रुपए से बढ़कर 100 रूपये और रेत की रॉयल्टी को 40 रूपये से बढ़कर 80 रूपये प्रति टन कर दिया गया था, परंतु अब सरकार की तरफ से इसमें बड़ी गिरावट की गई है. इसमें पत्थर, गोल पत्थर, रेत- बजरी आदि शामिल है.
अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से इस मामले में टैक्स की दर घटाने का बड़ा फैसला लिया गया है जिस पर 1 अगस्त को ही कैबिनेट मीटिंग में मोहर भी लग चुकी है.
