झज्जर | हरियाणा के झज्जर के माजरा गांव में इस समय खुशी का माहौल है. दरअसल, गांव के मास्टर चांद सिंह कादयान के बेटे डॉक्टर सचिन कादयान को जापान सरकार की ओर से प्रायोजित जापान सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस की पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप से सम्मानित किया गया है. यह फेलोशिप 24 महीने के लिए दी जाती है. इसके तहत, शोध के दौरान उन्हें वजीफा, यात्रा भत्ता और अनुसंधान सहायता भी मिलेगी.
विश्वभर के हजारों युवा वैज्ञानिकों ने इस फेलोशिप के लिए आवेदन किया था, लेकिन सचिन कादयान ने अपनी वैज्ञानिक सोच, लक्ष्य के प्रति समर्पण और लगातार मेहनत से यह मुकाम हासिल किया. बता दें कि विश्व के 120 वैज्ञानिकों में शामिल होने का गौरव सचिन कादयान को मिला है, जो अपने शोध के जरिए मानवता की सेवा करेंगे.
मानवता की सेवा
डॉ. सचिन कादयान का चयन टोकियो विश्वविद्यालय में माइक्रोनीडलिंग आधारित ट्रांसडर्मल बायोसेंसिंग और पर्सनलाइज्ड ड्रग डिलीवरी सिस्टम पर शोध करने के लिए हुआ है. फिलहाल, वह अमेरिका के एनसी स्टेट विश्वविद्यालय और उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय में संयुक्त बायो मेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थी के रूप में काम कर रहे हैं.
सचिन कादयान ने अपनी पीएचडी आईआईटी रुड़की और एनआईटी कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में पूरी की थी. उन्हें आईआईटी रुड़की की ओर से श्रेष्ठ पीएचडी थीसिस सम्मान भी मिल चुका है. इसके अलावा, साल 2024 में उन्हें बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभागीय उपलब्धि पुरस्कार से भी नवाजा गया.
इन लोगों का साथ
डॉक्टर सचिन की इस सफलता में उनके परिवार, गांव, स्कूल और एनआईटी कुरुक्षेत्र का बड़ा हाथ रहा है. उनके दादा गुलजारी कादयान अपने जमाने के श्रेष्ठ पहलवान और समाजसेवी रहे हैं. माता कमलेश देवी गृहिणी हैं और बहन मोनिका कादयान ऑस्ट्रेलिया में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. परिवार में इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है. वहीं, गांव के लोग भी उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं.
गर्व की बात
पूर्व जिला परिषद मास्टर जय भगवान ने कहा कि यह क्षेत्र के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धि है. वहीं, प्रोफेसर अजय कादयान ने कहा कि सचिन बचपन से ही प्रतिभाशाली छात्र रहे हैं.
गांव के अन्य लोग जैसे दूबलधन कॉलेज सुधार समिति के प्रधान सुखचंद कादयान, पूर्व सरपंच नरेंद्र कादयान, महंत छतर सिंह, ईश्वर पंडित, बसाऊ कादयान, धर्म सिंह, डॉ. दयानंद कादयान, आशीष कादयान और जबर कादयान आदि ने भी उनके परिवार को बधाई दी. साथ ही, उनकी मेहनत और लगन की सराहना की. गांव वालों के लिए यह गर्व की बात है कि माजरा से कोई वैज्ञानिक विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है.
