नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदुषण से हवा फिर से जहरीली हो गई है. लोगों का खुली हवा में सांस लेना दूभर हो चुका है. यहां वायु प्रदुषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP- 4) लागू कर दिया गया है, जिसके बाद यहां के लोगों को कई तरह की पाबंदियों से जूझना होगा. केंद्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली में कुल निगरानी स्टेशन में से लगभग दो दर्जन स्टेशनों पर AQI 400 से ज्यादा दर्ज किया गया है, जो बेहद ही गंभीर श्रेणी में आता है.
GRAP-4 लागू होने पर सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों के लिए नया आदेश जारी हुआ है. इसके तहत दिल्ली सरकार के सभी सरकारी कार्यालयों और दिल्ली में संचालित सभी निजी कार्यालयों को केवल 50% कर्मचारियों के साथ काम करना होगा, जबकि बाकी 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के आदेश जारी किए गए हैं. यह उपाय प्रदूषण से होने वाले वाहन उत्सर्जन को कम करने के लिए उठाया गया है.
शिक्षा निदेशालय ने जारी किया आदेश
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने GRAP-4 के लागू होने के बाद एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर- सहायता प्राप्त मान्यता वाले प्राइवेट स्कूलों तथा NDMC, MCD और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के सभी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि कक्षा 9वीं तक और कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए तत्काल प्रभाव से कक्षाएं हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं. हाइब्रिड मोड का मतलब है कि जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां पढ़ाई फिजिकल और ऑनलाइन दोनों तरीके से होगी.
कड़े उपाय लागू
दिल्ली सरकार द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा- 5 के तहत जारी किए गए निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. इसमें जरूरी सेवाओं जैसे पुलिस, अस्पताल, अग्निशमन आदि को छूट दी गई है. GRAP- 4 में निर्माण कार्यों पर रोक, गैरजरूरी ट्रकों के प्रवेश पर रोक सहित कई अन्य कड़े उपाय लागू किए गए हैं, ताकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार लाया जा सके.
