हिसार | खेल मैदान से हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. बता दें कि हरियाणा की महिला कबड्डी टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है और महाराष्ट्र के चालीस गांव में एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में इस टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था. इस ऐतिहासिक जीत में हिसार जिले के गांव नियाणा की बेटी सोनिका सहरावत ने निर्णायक भूमिका अदा की है.
हिसार से रही एकमात्र खिलाड़ी
सोनिका सहरावत ने इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि वह टूर्नामेंट में हरियाणा महिला कबड्डी टीम में खेलने वाली हिसार जिले से एकमात्र खिलाड़ी थी. फाइनल मुकाबले में उन्होंने दिल्ली जैसी मजबूत टीम को हराकर इस जीत का स्वाद चखा है. इस टूर्नामेंट में उन्होंने अपने दमदार खेल से न केवल टीम को मजबूत करने का काम किया, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का भी नाम रोशन किया.
इस प्रतियोगिता में सराहनीय खेल का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई थी. आगामी वर्ल्ड कप के लिए टीम का चयन इसी टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. ऐसे में सोनिका को उम्मीद है कि यहां पर किए गए बढ़िया प्रदर्शन की बदौलत उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलेगा. उनका सपना भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल होकर इंटरनेशनल लेवल पर हिंदुस्तान का गौरव बढ़ाना है और इसके लिए वो पहले से भी ज्यादा मेहनत करेगी.
पिता ने जताई खुशी
साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिका सहरावत के पिता समुद्र सहरावत ने बेटी की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने इस जीत से गांव और जिले का ही नहीं, बल्कि हरियाणा प्रदेश का भी नाम रोशन किया है. हमें अपनी बेटी पर गर्व महसूस हो रहा है. इससे पहले भी उन्होंने कई बार अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए हमारे गौरव को बढ़ाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि बेटी को सही मंच मिले, तो वह कुछ भी कर सकती हैं. इसी सोच के साथ बेटी के सपनों को साकार करने के लिए उनका परिवार हरसंभव प्रयास कर रहा है.
सोनिका की उपलब्धियां
- 2014- 2015 ऑल इंडिया इंटर साई में कुश्ती में सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
- 2015 और 2019 में सीनियर स्टेट में पार्टिसिपेट किया.
- 2019 में सर्कल कबड्डी की सीनियर स्टेट में कांस्य पदक विजेता बनी.
- साल 2011 में ताइक्वांडो नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.
