पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब भर्ती के दौरान नहीं होगा नियमों में बदलाव

चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से एक बड़ा फैसला दिया गया है. इस फैसले के अनुसार, चयन प्रक्रिया के बीच में नई शर्त जोड़ना बिल्कुल भी वैध नहीं है और कोर्ट ने इसे अवैध माना है. हरियाणा पावर यूटिलिटीज में टेक्निकल डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर सालो से चले आ रहे विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का कहना है कि चल रही चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों को बदल कर किसी अधिकारी को उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है. यह बिलकुल भी सही नहीं है.

Punjab and Haryana High Court

नए सिरे से होगा मूल्यांकन

सरकार को निर्देशित किया गया है कि वह याचिकाकर्ता जेबी मुदगल के दावे का नए सिरे से इवेलुएशन करें. अगर वह उस वक़्त लागू नियमों के मुताबिक योग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें सभी देय सेवा व वित्तीय लाभ दिए जाएं.

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की तरफ से साफ किया गया कि 10 फरवरी 2015 को सरकार ने जो अधिसूचना जारी की थी, उसके अनुसार तकनीकी निदेशक की नियुक्ति के लिए वरिष्ठता- सह- योग्यता का सिद्धांत निर्धारित किया गया था.

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अब फिर से होगी जांच

याचिकाकर्ता जेबी मुदगल जुलाई 2014 में चीफ इंजीनियर बने थे और सीनियरिटी लिस्ट में अपने कई सहयोगियों से आगे थे. अप्रैल 2015 में टेक्निकल डायरेक्टर के कई पद खाली हुए, मगर सिलेक्शन कमेटी ने 1 साल के अनुभव की अतिरिक्त शर्त का हवाला दिया व उन्हें विचार क्षेत्र से बाहर कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि उनके कनिष्ठ अधिकारी नरेश सरदाना को नियुक्ति मिल गयी. कोर्ट के आदेश के बाद सेवानिवृत्त अधिकारी के मामले की फिर से जांच की जाएगी व अब पदोन्नति का नए सिरे से मूल्यांकन होगा.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.