चंडीगढ़ | हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले मंडियों से लेकर खेतों तक तैयारियां तेज हो गई हैं. प्रदेश की 249 मंडियों में खरीद के इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि कुछ मंडियों में नई फसल की आवक भी शुरू हो चुकी है. किसानों से धान खरीदने से पहले ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसल और उसके रकबे का सत्यापन पूरा किया जाएगा.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि पोर्टल पर किसानों की ओर से दर्ज कराई गई फसलों की जांच लगातार चल रही है. अधिकांश फसलों का सत्यापन सैटेलाइट के माध्यम से किया जा चुका है. बाकी रिकॉर्ड की जांच पूरी करने की प्रक्रिया भी जारी है.
सत्यापन के बाद आगे बढ़ेगी खरीद
धान खरीद में किसानों के पंजीकृत रिकॉर्ड और सत्यापित फसल को आधार बनाया जाएगा. सत्यापन का काम पूरा होने के बाद औसत उत्पादन के हिसाब से खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इससे मंडियों में पहुंचने वाली फसल और पोर्टल पर दर्ज जानकारी के बीच मिलान किया जा सकेगा. प्रदेश सरकार की ओर से मंडियों में धान खरीद से जुड़े जरूरी इंतजाम भी किए जा रहे हैं. धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है.
किसानों से सहयोग की अपील
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों से खरीद को लेकर संयम बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसान सत्यापन और खरीद की प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करें. सरकार की कोशिश है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों की फसल की खरीद व्यवस्थित तरीके से की जाए. प्रदेश की कई मंडियों में धान पहुंचना शुरू होने के कारण आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना है.
हरियाणा की 249 मंडियों में धान की खरीद की तैयारियां जारी हैं। कुछ मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसलों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश का सैटेलाइट से सत्यापन हो चुका है।
सत्यापन पूरा होने के बाद औसत उत्पादन के आधार पर धान…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 23, 2026
ऐसे में प्रशासन के सामने खरीद व्यवस्था के साथ मंडियों में किसानों और उनकी उपज के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी रहेगी. 249 मंडियों के जरिए अलग- अलग जिलों के किसानों से धान की खरीद की जाएगी.
