ज्योतिष | साल 2025 अब समाप्ति की ओर है और जल्द ही साल 2026 की शुरुआत हो जाएगी. ज्योतिष की दृष्टि से नया साल काफी खास रहने वाला है. इस साल शनि देव गुरु की राशि मीन में गोचर करेंगे. शनि का यह गोचर केवल राशि परिवर्तन तक ही सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि पूरे साल उनके मार्गी, वक्री, चाल और नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव कई राशि के जातक को पर दिखाई देने वाला है.
शनि करेंगे चाल में बदलाव
शनि जब गुरु की राशि में प्रवेश करते हैं, तो कर्म के साथ- साथ करुणा, आत्म चिंतन, स्थायित्व का प्रभाव भी बढ़ जाता है. ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए आने वाला समय किसी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है. आज की इस खबर में हम आपको उन्ही राशियों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिन्हें साल 2026 में शनि की चाल में बदलाव होने की वजह से संभलकर रहने की आवश्यकता है.
साल 2026 की शुरुआत में शनि मीन राशि में मार्गी अवस्था में ही रहने वाले हैं. जुलाई महीने में वह इसी राशि में वक्री हो जाएंगे, जिससे अधूरे कार्य- पुराने निर्णय और बीते कर्म दोबारा से सामने आकर खड़े हो सकते हैं. आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे कि शनि का गोचर किन राशि के जातकों के लिए बिल्कुल भी अच्छा साबित नहीं होगा.
बढ़ जाएगी परेशानियां
साल 2026 में शनि की स्थिति में बदलाव का प्रभाव वैसे तो सभी राशि के जातकों पर दिखाई देने वाला है, परंतु इस दौरान सिंह, मेष, धनु, वृषभ आदि राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ सकती है. इनके बने- बनाए काम बिगड़ सकते हैं. ऐसे में इन राशि के जातकों को कुछ समय थोड़ा समझदारी से फैसले लेने की आवश्यकता है. इन राशि के जातकों पर काम का प्रेशर भी काफी ज्यादा रहने वाला है और इन्हें काम में किसी प्रकार का कोई भी शॉर्टकट लेने से बचना चाहिए. मेंटल हेल्थ पर ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
ऐसे कम करें दुष्प्रभाव
शनि की बुरी नजर से बचने के लिए आपको कुछ विशेष उपाय करने की आवश्यकता है. हो सके तो आप सरसों के तेल या लोहे की वस्तु का दान करें. शनि चालीसा का पाठ करना भी काफी अच्छा माना जाता है. अगर आप शनि भगवान को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो भगवान भोलेनाथ की भी विधि- विधान तरीके से पूजा अर्चना कर सकते हैं. आपको नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से आपके जीवन में शनि के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
