नई दिल्ली | आज 2025 समाप्त होगा और कल से नए साल की शुरुआत होगी. नए साल के साथ वित्त से संबंधी नियमों में भी बदलाव होंगे. इनमें क्रेडिट स्कोर से लेकर पैन- आधार कार्ड लिंक और UPI से लेकर टैक्स भरने तक कई बदलाव शामिल है. अगर आपने इन बदलावों को नहीं जाना तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. चलिए जानते है इन बदलावों के बारे में…
क्रेडिट स्कोर अपडेट
पहले क्रेडिट ब्यूरो द्वारा 15 दिन में ग्राहकों का डाटा अपडेट किया जाता था, लेकिन 1 जनवरी 2026 से इस नियम में बदलाव कर दिया गया है. अब हर सप्ताह में डेटा अपडेट किया जाएगा. इससे समय पर भुगतान करने वाले ग्राहकों का स्कोर तेजी से सुधार में आएगा. इसका सीधा असर लोन योग्यता और ब्याज दरों पर पड़ेगा.
पैन- आधार लिंक
बैंक से संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पैन और आधार लिंक करवाना अनिवार्य कर दिया गया है. वरना 1 जनवरी से आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा और आपके बैंकिंग लेन – देन भी रोक दिए जाएंगे. इससे आपको बैंक खाता खोलने और टैक्स भरने से संबंधित दिक्कत आ सकती है.
UPI से संबंधित नियम
बैंकिंग और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए 1 जनवरी से डिजिटल लेनदेन में बदलाव किए गए है. अब डिजिटल भुगतान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. धोखाधड़ी और दुरूपयोग को रोकने के लिए वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप के लिए सिम सत्यापन पैमानों को लागू कर दिया गया है.
सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए नया साल खुशखबरी लेकर आने वाला है. बता दें कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होने वाला है. ऐसे में 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना है. इससे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की संभावना है. 1 जनवरी से महंगाई भत्ते में भी वृद्धि होने वाली है.
होम लोन सस्ता होने की उम्मीद
RBI ने दिसंबर महीने में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी. ग्राहकों को तब फायदा हुआ था, लेकिन उस समय कुछ बैंकों ने ही फायदा दिया था. ऐसा हो सकता है कि अन्य बैंक नए साल पर ग्राहकों को फायदा दे दें, जिससे उनके होम लोन की किस्त में कटौती हो सके.
ITR से संबंधित बदलाव
करदाताओं के लिए 1 जनवरी से नया ‘आयकर रिटर्न फॉर्म’ जारी होने वाला है. हालांकि, यह फॉर्म बैंकिंग लेनदेन और खर्च के विवरण से पहले से भरा होगा. इससे एक तरह फाइलिंग आसान होगी, वही दूसरी तरफ जांच भी बढ़ेगी.
बता दें कि वित्त वर्ष 2024 – 25 के लिए ITR करने की अंतिम डेट 31 जुलाई थी. यदि कोई अब तक रिटर्न नहीं भर पाए है, वो 31 दिसंबर तक विलंबित रिटर्न भर सकते है. अगर आप 31 तारीख तक रिटर्न जमा नहीं कराएंगे तो अपडेटेड रिटर्न का सहारा लेना पड़ेगा और इसके लिए भारी जुर्माना भी देना होगा.
