पंचकूला | हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच सड़क मार्ग के जरिए आवाजाही को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. यहां स्थानीय सूरजपुर से बसौला तक लगभग 8 किलोमीटर लंबे पिंजौर- सुखोमाजरी बाईपास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब नालागढ़ रोड़ पर स्थित पिंजौर ब्लॉक के गांव तथा पिंजौर- कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स सेक्टर- 30 को जोड़ते हुए हिमाचल प्रदेश के इंडस्ट्रियल एरिया बद्दी के लिए 19 करोड़ रुपए की लागत से दूसरा बाईपास बनाया जाएगा.
हरियाणा से शिमला हाइवे के लिए कनेक्टिविटी
लगभग 2 किलोमीटर लंबा यह बाईपास HMT फैक्ट्री को जाने वाले गेट से होता हुआ गांव मानापुर देवीलाल, मानपुर नानक चंद और सेक्टर-30 से होता हुआ पिंजौर के मॉडल टाउन के पास पिंजौर-नालागढ़ नेशनल हाईवे पर जाकर मिलेगा. इस बाईपास के निर्माण से न केवल बद्दी और नालागढ़ की लगभग 5 किलोमीटर दूरी कम होगी बल्कि पिंजौर बाजार में लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी छुटकारा मिलेगा.
पिंजौर- कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स के तहत हरियाणा विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर विकसित किए गए हैं लेकिन नालागढ़ रोड़ पर नवनिर्मित सेक्टरों के लिए सीधे चंडीगढ़- शिमला नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली सड़क अभी तक नहीं बनाई गई है. लेकिन अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 1.5 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण किया जाएगा जबकि HMT गेट से 600 मीटर लंबी सड़क पहले ही बनी हुई है. इस सड़क मार्ग के निर्माण से पंचकूला और चंडीगढ़ से आने वाले लोगों को पिंजौर बाजार के ट्रैफिक जाम में फंसे बिना सीधे HMT से ही नालागढ़ रोड़ पर पहुंचने की सुविधा मिलेगी और साथ ही शिमला से बद्दी जाने वाले वाहन चालको को भी फायदा पहुंचेगा.
पहले जो वाहन परवाणू, कालका और पिंजौर बाजार के ट्रैफिक जाम में उलझ जाते थे, वे अब सीधे पिंजौर- कालका- परवाणू बाईपास से होते हुए बिना किसी देरी के HMT से सीधे बद्दी की ओर निकल जाएंगे. इस सड़क मार्ग के निर्माण के लिए लंबे समय से HMT से रास्ता मांगा जा रहा था, जिसे अब जाकर मंजूरी प्रदान की गई है. इसके बाद नए बाईपास के निर्माण की तस्वीर साफ हो गई है. इस बाईपास के निर्माण कार्य को 9 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
