सोनीपत | वर्तमान में स्टार्टअप बिजनेस सिस्टम में काफी उछाल देखा गया है. चाहे छोटा स्टार्टअप हो या बड़ा, हर तीसरा व्यक्ति बिजनेस करना चाहता है. देश में लाखों लोग स्टार्ट अप कर रहे है. इन्हीं में से एक की हम बात कर रहे है. आइए जानते है संदीप जांगडा के बारे में…
सोनीपत के संदीप की कहानी
संदीप के पिता रोहतक के गांव चमारियां के बलराज जांगड़ा कारपेंटर थे. कुछ सालों के बाद वे गोहाना आकर बस गए. संदीप के परिवार की आमदनी सीमित थी. इसी के चलते संदीप को कम उम्र में काम करने की जरूरत पड़ी. 12वीं तक पढ़ाई करने उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया. संदीप B.Tech की पढ़ाई के दौरान कई बार फेल हुए जिसके कारण घर वालों ने उस पर डांट लगाई.
संदीप ने घर वालों की डांट सुनकर गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करना शुरू किया. जहां उसकी सैलरी मात्र 9 हजार रूपए थी. उसे अपने काम और अपनी सैलरी दोनों से ही संतुष्टि नहीं मिली. साल 2014 में जब पहली बार संदीप ने पिज्जा खाया, तो वहां से उसकी रोज बदली और उसने गोहाना जैसे कस्बों में पिज्जा का स्टार्टअप करने का मन बनाया. इसी तरह उसकी स्टार्टअप में जर्नी स्टार्ट हुई.
पिज्जा गैलरी आउटलेट
साल 2015 में संदीप ने गोहाना में पहला पिज्जा गैलरी आउटलेट बनाया. संदीप ने लोगों को ट्रायल के तौर पर फ्री में पिज्जा खिलाया और सभी ने उसके द्वारा बनाए पिज्जा की तारीफ की. इसके बाद धीरे – धीरे उसके बिजनेस को बढ़ावा मिलता रहा. आज संदीप के पिज्जा गैलरियों के देशभर में 80 से ज्यादा आउटलेट है.
संदीप ने लगभग 10 साल पहले पिज्जा का स्टार्टअप किया था. आज पिज्जा गैलरियों के CEO के रूप में 700 से ज्यादा लोगों को काम दे रहे है. वह शार्क टैंक इंडिया में भी नजर आ चुके है. उनकी कंपनी का वित्त वर्ष 2025 – 26 का टर्नओवर लगभग 16 करोड़ है, जो कि आए दिन बढ़ रहा है. संदीप की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो पढ़ाई में असफल होकर हार मान लेते है. संदीप का कहना है कि अंकों के ज्यादा आपकी मेहनत और स्किल आपको आगे लेकर जाती है.
