चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने बीते सोमवार को लाइसेंसी रिहायशी प्लाट वाली कालोनियों में नर्सिंग होम खोलने की नीति को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि जरूरी कन्वर्जन फीस के भुगतान के बाद ही नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जाएगी. ऐसी अनुमति सिर्फ उन वैध रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त एलोपैथिक/ आयुष डाक्टरों के मालिकाना हक वाले रिहायशी प्लाट पर दी जाएगी, जो अभी प्रैक्टिस कर रहे हैं और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में रजिस्टर्ड हैं.
आवेदन के साथ हलफनामा भी देना होगा. बता दें कि हाइपर जोन के लिए 10 हजार रुपये, हाई पोटेंशियल जोन के लिए 8 हजार रुपये, मीडियम ज़ोन के लिए 6 हजार रुपये और लो जोन के लिए 4 हजार रुपये प्रति वर्ग गज फीस तय की गई है. एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेज (ईडीसी) सहित कोई अन्य फीस देय नहीं होगी.
यह होंगे नियम
- हाइपर और हाई पोटेंशियल जोन में प्लाट का आकार 350 वर्ग गज व मीडियम और लो पोटेंशियल जोन में यह 250 वर्ग गज होना चाहिए.
- सिर्फ सेक्टरों या मुख्य सड़कों के किनारे उन सर्विस रोड पर ही अनुमति दी जाएगी, जहां लाइसेंसी कालोनियों में आंतरिक सेवाएं हों. कंप्लीशन या पार्ट-कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी हों.
- सेक्टर को बांटने वाली सड़कों से सटी या सर्विस रोड पर एक साइट और एक सेक्टर में ऐसी 4 साइट्स की इजाजत होगी.
