ज्योतिष | होली का पावन पर्व अब आने ही वाला है. होली से ठीक 8 दिन पहले ही शुभ कार्य पर रोक लग जाती है. 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहे है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे कि होली कब है और होलाष्टक से जुड़े हुए क्या नियम है. फाल्गुन के महीने में कई पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं वही लास्ट के समय सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है.
कब से शुरू हो रहे होलाष्टक के दिन
शास्त्रों में भी इस बारे में जानकारी दी गई है कि शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक के समय को होलाष्टक का समय माना जाता है. ऐसे में 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रही है, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सकता. ऐसा करने से आपके जीवन में बहुत नेगेटिविटी आ जाएगी. ग्रहों का भी रूप उग्र होता है. होलाष्टक के दिनों में खासकर नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, विवाह संस्कार आदि काम करना वर्जित माना जाता है. वह इन्ही दिनों में महादेव ने कामदेव को भी भस्म कर दिया था.
क्यों नहीं किया जाता कोई भी शुभ कार्य
बता दे कि होलाष्टक के दिनों में सभी ग्रह जैसे शुक्र- सूर्य- शनि- राहु- मंगल आदि सभी उग्र स्वभाव में रहते हैं. कहा जाता है कि हिरण्यकश्यप ने भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को इन्हीं आठ दिनों में कठोर यातनाएं दी थी, इसी वजह से कोई भी शुभ कार्य इन दिनों में नहीं किया जाता अर्थात उनकी मनाही होती है. अबकी बार 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रही है, जो होलिका दहन 2 मार्च तक रहेंगे. अगर आप भी हाल फिलहाल में कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं, तो आप उसे 24 फरवरी से पहले ही कर ले. नहीं तो आपको होलिका दहन का इंतजार करना होगा. इस दौरान अगर आप कोई शुभ कार्य करते हैं तो आपको मन वांछित परिणाम नहीं मिलेगा.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
