केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, इस फैसले से मेडिकल क्लेम की मंजूरी में आएगी तेजी

नई दिल्ली | केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने मेडिकल रीइम्बर्समेंट यानि इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी कर दी है. इसके बाद मंत्रालयों/ विभागों के मुख्य सचिव 10 लाख रुपए तक के मेडिकल क्लेम बिना इंटीग्रेटेड फाइनेंस डिविजन (IFD) से सलाह लिए बिना मंजूर कर सकेंगे. पहले यह लिमिट 5 लाख रुपए थी. इस फैसले की जानकारी 16 फरवरी को जारी ऑफिस मेमोरेंडम के माध्यम से दी गई है.

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लंबे इंतजार से मिलेगी राहत

मंत्रालय ने एक और अहम बदलाव करते हुए जिन मामलों में किसी तरह के नियमों में छूट नहीं दी जाती थी और पूरा भुगतान तय CGHS रेट्स के हिसाब से होता है, ऐसे मामलों में निपटान की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है. यानि अगर क्लेम पूरी तरह से नियमों के तहत हैं और दरें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (CGHS) के मुताबिक हैं तो अब ज्यादा राशि का भुगतान करना आसान हो जाएगा. इससे कर्मचारियों को लंबे इंतजार और फाइलों की देरी से राहत पहुंचेगी.

हालांकि, 10 लाख रुपये की नई सीमा के साथ दो साफ शर्तें भी जोड़ी गई हैं. पहली, क्लेम में CGHS या CS (MA) नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी. दूसरी, रीइम्बर्समेंट की रकम पूरी तरह CGHS/CS (MA) की तय दरों के अनुसार ही होगी. यानि मतलब स्पष्ट हैं कि यदि अस्पताल का बिल तय रेट से ज्यादा हैं तो मामला पहले की तरह उच्च स्तर पर ही जाएगा.

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6 महीने के भीतर करना होगा आवेदन

CGHS मेडिकल क्लेम की प्रकिया की साफ कर दी गई है. पेंशनर्स को इलाज़ या डिस्चार्ज के 6 महीने के भीतर अपने वेलनेस सेंटर के CMO के पास आवेदन करना होता है. इसके साथ मेडिकल रीइम्बर्समेंट क्लेम फॉर्म, चेकलिस्ट, डिस्चार्ज समरी की कॉपी, रेफरल/परमिशन स्लिप, इमरजेंसी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो), अस्पताल के ओरिजिनल बिल और रसीदें, वैध CGHS कार्ड की कॉपी और बैंक डिटेल्स के लिए कैंसल चेक या मंडेट फॉर्म जमा करना जरूरी है.

वहीं, एंबुलेंस खर्च की बात करें तो शहर के भीतर एंबुलेंस खर्च उसी स्थिति में मिलेगा, जब इलाज करने वाले डॉक्टर का प्रमाणपत्र हो कि किसी और के माध्यम से ले जाने पर मरीज की जान को खतरा था या हालत और बिगड़ सकती थी. कुल मिलाकर केंद्र सरकार के इस फैसले से मेडिकल क्लेम की मंजूरी में तेजी आएगी और कर्मचारियों व पेंशनर्स को बड़ी रकम के मामलों में राहत मिल सकेगी.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.