फरीदाबाद | औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के साहुपुरा गांव में स्थित करीब 500 साल पुराना प्राचीन मंदिर अपने ऐतिहासिक स्वरूप के कारण आस्था का केंद्र बना हुआ है. गांव के लोगों का मानना है कि यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा से जुड़ा है, बल्कि यहां आने वाले लोगों को मानसिक तनाव और चिताओं से राहत महसूस होती है. स्थानीय लोगों का कहना है, जो व्यक्ति मन की बेचैनी, परेशानियां या तनाव लेकर यहां आता है तो वह पूजा- अर्चना के बाद एक प्रकार की शांति का अनुभव करता है. यह मान्यता है कि मंदिर की ऊर्जा और वातावरण लोगों के मन को स्थिर करने में मदद करता है.
500 साल पुराना मंदिर
इस मंदिर के परिसर में एक पुराना तालाब भी है. प्राचीन मान्यता है कि इसमें नहाने से स्किन रोग ठीक होते है और यहां एक पीपल का पेड़ है जो करीब 500 साल पुराना बताया जाता है. यहां सिद्ध बाबा की समाधि भी है जहां लोग माथा टेकने आते है. यह मंदिर करीब 6 एकड़ में फैला है. हर साल जन्माष्टमी पर यहां भंडारे होते है और यहां परंपरा सदियों पुरानी है. उस दिन दूर- दूर से साधु- संत और श्रद्धालु आते है. उस दिन गांव में मेले जैसा नजारा देखने को मिलता है. भजन- कीर्तन, हवन और प्रसाद वितरण भी चलता रहता है.
मानसिक व आत्मिक शांति का स्थान
गांव का इतिहास बताता है कि यह मंदिर सदियों पहले स्थापित किया गया था और समय के साथ यहां पूजा- पाठ का क्रम चलता आया है. लोग विशेष अवसरों और उत्सवों पर यहां बड़ी संख्या में इकट्ठा होते है और पूजा करते है. यहां के पंडितों का कहना है कि इस प्राचीन मंदिर की आस्था आज भी जिंदा है और श्रद्धालु इसे मानसिक व आत्मिक शांति का स्थान मानते है.
