ज्योतिष | सनातन धर्म में रंग पंचमी का विशेष महत्व बताया गया है. यह हर साल चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. रंग पंचमी के साथ ही ब्रज क्षेत्र में चलने वाला लगभग 40 दिनों का होली उत्सव भी समाप्त हो जाता है. कहा जाता है कि इस दिन देवी- देवता स्वयं पृथ्वी पर आकर भक्तों के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं, आज हम आपको इसी पर्व के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

क्यों रंग पंचमी को है विशेष महत्व प्राप्त?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी के दिन खुद देवी देवता पृथ्वी पर आकर भक्तों के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं. इस दिन रंग खेलने और उत्सव मनाने से देवी देवता काफी आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को सुख- समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं. इस त्यौहार को देवताओं को समर्पित त्योहार माना जाता है. आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है.
इस प्रकार करें प्रसन्न
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके जीवन में खुशहाली बनी रहे अर्थात आप पर देवी देवताओं का आशीर्वाद बना रहे, तो आपको रंग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण राधा रानी और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. ऐसा करने से आपको अपने जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके लिए आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करके उसके बाद साफ और पवित्र वस्त्र धारण करें और एक लकड़ी की चौकी ले. उस पर पीले रंग का साफ वस्त्र बिछाए.
उस पर राधा कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति को स्थापित करें. उसके बाद उसके पास में एक कलश स्थापित करें और स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं. इसके बाद आपको राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण को पंचामृत अर्पित करना है. अब फूलमाला आदि से इनका श्रृंगार करें. इसके बाद भगवान को गुलाल, पीला चंदन और अक्षित अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार मिठाई या अन्य प्रसाद का भोग लगाए.
अब घी का दीपक और धूप लगाकर मंत्रो या चालीसा का पाठ करें अब आपको अंत में श्रद्धा भाव के साथ राधा श्री कृष्ण की आरती करनी है.इस प्रकार आप इन्हें काफी आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं.
शुभ मुहूर्त
चातुर्मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 7 मार्च को शाम 7:17 मिनट से हो रही है और इसका समापन 8 मार्च 2026 की रात को 9:10 पर होगा ऐसे में रंग पंचमी का पावन पर्व 8 मार्च को मनाया जाना ज्यादा उत्तम रहने वाला है. अगर आप भी देवी देवताओं को खुश करके अपने जीवन में सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह त्यौहार आपके लिए किसी भी बड़े पर्व से कम नहीं है. आप आसानी से भगवान श्री कृष्णा और राधा रानी के साथ- साथ मां लक्ष्मी को भी प्रसन्न कर सकते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.