फतेहाबाद | हरियाणा के फतेहाबाद जिले के दो युवकों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए बड़े साहस का कार्य किया है. बता दें कि पिछले दिनों से चल रही गैस की किल्लत को दूर करने के लिए हरियाणा के दो नौजवानों ने जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और तनाव जैसे हालात के बीच ये दोनो मर्चेंट नेवी अधिकारी, कृष्ण गोदारा और अनिल भांभू, अंतरराष्ट्रीय समुद्री जहाजों पर तैनात होकर भारत के लिए LPG गैस लेकर आ रहे है.
92 हजार टन से ज्यादा LPG
भारत सरकार LPG गैस की समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में भारतीय ध्वज वाले दो बड़े मालवाहक जहाज, नंदा देवी और शिवालिक ईरान और कतर के समुद्री क्षेत्रों बड़ी मात्रा में LPG लेकर भारत की ओर आ रहे है. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में लगभग 92 हजार टन से ज्यादा LPG लदी हुई है, जो भारत में गैस की कमी को दूर करेगी.
ये दोनों जहाज युद्ध के तनाव से घिरे होर्मुज मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर गए है और जल्द ही गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच जाएंगे. वहां पहुंचने के बाद गैस की सप्लाई देशभर में भेजी जाएगी, जिससे घरेलू और व्यवसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है.
सरकार और तकनीक का सहयोग
फतेहाबाद के इन दोनों युवकों की बहादुरी और जिम्मेदारी को लेकर जिले में गर्व का माहौल है. स्थानीय लोग और परिवारजन भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे है. परिजनों का कहना है कि शुरुआत में युद्ध की खबरें सुनकर मन भयभीत जरूर हुआ, लेकिन उन्हें गर्व है कि उनके बेटे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अपना कर्तव्य जरूर निभाएंगे.
जहाज पर मौजूद अधिकारियों ने अपने परिवारों को सूचना दी है कि इस पूरी यात्रा के दौरान भारत सरकार, भारतीय नौसेना और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का लगातार सहयोग रहा है. आधुनिक तकनीक और बेहतरीन प तालमेल के कारण ही कठिन मार्ग को पार करना संभव हो पाया है.
