नई दिल्ली | गर्मी की छुट्टियों का सीजन शुरू होते ही हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक मालदीव, स्कॉटलैंड, स्विट्जरलैंड और थाईलैंड जैसी विदेशी डेस्टिनेशन की ओर अपना रुख करते है, लेकिन इस बार कुछ अलग देखने को मिल रहा है. बढ़ते विदेशी टूर खर्चों, सुरक्षा चिंताओं, वीजा और फ्लाइट टिकट महंगाई के बीच भारतीय पर्यटक अब देश के अंदर ही घूमना पसंद कर रहे है. आइए जानते है कुछ ऐसी जगह जहां विदेशी लोकेशंस जैसा अनुभव होता है…

विदेश की जगह भारतीय पर्यटन स्थल
साफ सुथरे सी – बीच, सफेद रेत, नीला पानी और वॉटर विला के लिए मालदीव जाने की चाहत रखने वालों को इसकी जगह दूसरा विकल्प उपलब्ध कराया है, उन्हें अंडमान – निकोबार का पैकेज दिया जा रहा है. अंडमान के हैवलॉक और नील आइलैंड में साफ समुद्र, स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और बीच रिसॉर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित कर रहे है. वहीं, मलेशिया जाने वालो केरलम का मुन्नार उपलब्ध है.
इसके अलावा हरियाली और खूबसूरत पहाड़ियों वाले स्विट्जरलैंड के विकल्प में हिमाचल का खज्जियार, उत्तराखंड का हर्षिल, औली, कौसानी, चोपता और कश्मीर का गुलमर्ग उपलब्ध है, तो स्विट्जरलैंड जाने की चाहत रखने वालों के लिए हिमाचल की मंडी मौजूद है.
पर्यटन के नए उभरते क्षेत्र
अब भारतीय पर्यटक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. खासतौर पर धनी भारतीयों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है. धनी पर्यटक अब विदेश जाने के बजाय भारत में ही ‘अल्ट्रा – लग्जरी’ अनुभव तलाश रहे है.
अब यात्रियों की प्राथमिकताएं बदल चुकी है. पारंपरिक पर्यटन के अलावा टूरिज्म के क्षेत्र कुछ नया बदलाव देखने को मिल रहा है जैसे वेलेनेस स्ट्रीट, वर्क – केशन और स्टे – केशन. लोग सिर्फ घूमने नहीं बल्कि प्राइवेट स्टे, शांत माहौल, वेलनेस, एडवेंचर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी चाहते है. यही कारण है कि देश के अंदर लग्जरी रिसॉर्ट्स और प्रीमियम होमस्टे की मांग तेजी से बढ़ रही है.