नई दिल्ली | हाल ही में हुई नीट परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि नीट का पेपर लीक हो गया जिसकी वजह से परीक्षा को कैंसिल करना पड़ा है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की तरफ से 3 मई को मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ का आयोजन करवाया गया था. इस परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक होने के आरोपों को देखते हुए इसे मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की गई तथा सरकार ने सीबीआई को इन अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है.

23 लाख अभ्यार्थियों ने दी थी परीक्षा
एनटीए का कहना है कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर फिर से आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में 23 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था. नेशनल परीक्षा एजेंसी ने ‘एक्स’ पर जारी एक एक बयान में बताया कि यह फैसला पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बनाए रखने के हित में लिया गया है. एजेंसी का कहना है कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा शेयर किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह साफ हो चुका है कि ‘वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना सही नहीं है.
जल्द जारी किया जाएगा दूसरा शेड्यूल
दोबारा होने वाली परीक्षा की तिथियां और उनके लिए जारी किये जाने वाले एडमिट कार्ड की समय-सारणी अगले कुछ दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से शेयर की जाएगी. एनटीए ने कहा कि सरकार ने परीक्षा से संबंधित आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का निर्णय किया है. उसने कहा, ‘एनटीए सीबीआई को पूरा सहयोग देगी और जांच के लिए जरूरी सभी सामग्री, रिकॉर्ड और मदद देगी. जाँच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल गैंग के पास जा चुके थे.
सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ें तार
इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल शामिल थे. इस ‘लीक’ के तार सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ते दिख रहे हैं. एसओजी ने सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के शख्स को पकड़ा है. इसे ही पेपर छपने से पहले सवाल लीक करने का मास्टरमाइंड कहा जा रहा है. गैंग ने छपने से पहले ही लीक किए सवालों में दूसरे प्रश्न मिलाकर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया. इस काम को मनीष व उसके साथियों के साथ मिलकर किया.
इस ‘क्वेश्चन बैंक’ को ही परीक्षा देने वाले छात्रों में वितरित किया गया. इसमें से बायोलॉजी के 90 में से 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल ज्यों के त्यों परीक्षा में आए. इस क्वेश्चन बैंक लेने वाले कई छात्रों से एजेंसी ने पूछताछ की है. इसमें इन्होंने पैसे के लेनदेन की बात मानी है.