जींद | देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होना कोई नई बात नहीं है. जब भी देश में कोई भर्ती परीक्षा और उसमें नकल करते युवा पकड़े जाएं तो उनके तार सीधे जींद जिले से जुड़े मिलते हैं. जींद में भी खासकर उचाना क्षेत्र का नाम पेपर साल्वर गैंग में सबसे आगे रहता है. गत 8 मई को मेरठ में हुई सेना की 510 आर्मी बेस वर्कशाप की ट्रेडमैन भर्ती में जींद जिले के 9 मुन्नाभाई पकड़े गए हैं.

इनमें 5 अकेले उचाना क्षेत्र के हैं. नकल करने में हमेशा उचाना के युवा आगे रहते हैं. पहले भी साल्वर गैंग में उचाना का नाम सुर्खियों में आ चुका है.
पेपर लीक का गढ़ बना उचाना
करीब 5 साल पहले हरियाणा पुलिस परीक्षा के पेपर लीक मामले में उचाना क्षेत्र के गांवों के युवाओं का ही नाम सामने आया था. नवंबर, 2015 में HTET परीक्षा का पेपर लीक करने का मामला सामने आया था और इसमें भी नरवाना व उचाना के युवा शामिल थे. साल 2018 में क्लर्क भर्ती के दौरान भिवानी में पकड़े गए गिरोह में भी जींद की साल्वर्स गैंग शामिल रही थी.
ग्राम सचिव का पेपर लीक हुआ तो उसमें भी जींद के कोचिंग सेंटर संचालकों का नाम सामने आया. साल 2021 में दिल्ली कोर्ट ग्रुप D की भर्ती में उचाना के काकड़ौद गांव के पोल्ट्री फार्म पर दिल्ली पुलिस ने दबिश देकर साल्वर्स गैंग को पकड़ा था.
नए युवाओं के नाम आए सामने
मेरठ में पकड़े गए जींद जिले के गांव पड़ाना निवासी प्रदीप, अलेवा निवासी सोनू सिंघवाल व प्रोमिला, उचाना खुर्द निवासी रज्जाक, बेलरखां निवासी प्रदीप, छात्तर निवासी आशीष व बिट्टू, थुआ निवासी राहुल और बड़ौदा निवासी श्रवण का नाम सामने आया है. इससे पहले इस मामले में कभी इनके नाम सामने नहीं आए. यह लोग खुद सेना की ट्रेडमैन भर्ती परीक्षा देते समय इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए हैं.