नई दिल्ली | रेलवे कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए वेतन में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है.

विगत 30 मार्च को जारी एक नए आदेश के तहत परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इस फैसले के बाद मुख्य रूप से रेलवे के गुड्स शेड और पार्सल कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों, सफाईकर्मियों और सुरक्षा गार्डों (वॉच एंड वार्ड) सहित कृषि और निर्माण क्षेत्र के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी हो गई है.
1 अप्रैल से होगा प्रभावी
रेलवे के इन कर्मचारियों को बढ़ी हुई मजदूरी की नई दरों का लाभ 1 अप्रैल 2026 से मिलेगा. यह बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में वृद्धि के कारण की गई है. 31 दिसंबर 2025 तक यह सूचकांक 413.52 से बढ़कर 424.80 पर पहुंच गया, जिसके परिणामस्वरूप इसमें 11.28 अंकों की बढ़त दर्ज की गई है.
अब कितनी मिलेगी मजदूरी?
A कैटेगरी के शहरों में कार्यरत रेलवे कर्मचारियों को 523 रुपए मूल मजदूरी और 304 रुपए VDA के साथ प्रतिदिन 827 रुपए मिलेंगे.
B कैटेगरी के शहरों में कार्यरत रेलवे कर्मचारियों को 437 रुपए मूल मजदूरी और 256 रुपए VDA मिलाकर रोजाना 693 रुपए मिलेंगे.
C कैटेगरी के शहरों में कार्यरत रेलवे कर्मचारियों को 350 रुपए मूल मजदूरी और 206 रुपए VDA के साथ प्रतिदिन 556 रुपए मिलेंगे.
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
रेलवे के गुड्स शेड, पार्सल कार्यालयों और अन्य गोदामों में लोडिंग- अनलोडिंग करने वाले कर्मचारियों, झाड़ू लगाने व सफाई करने वाले (मैनुअल स्कैवेंजिंग के तहत निषिद्ध गतिविधियों को छोड़कर) कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी की दरें तय कर दी गई हैं.