नई दिल्ली| केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अग्निवीरों के लिए एक हल्फनामा दायर किया गया है. मोदी सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर हलफनामे में साफ किया है कि अग्निवीर नियमित सैनिकों की श्रेणी में शामिल नहीं हैं. ऐसे में युद्ध या किसी सैन्य कार्रवाई के दौरान उनकी मृत्यु होने पर उनके परिवार को सामान्य सैनिकों के जैसे पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता. सरकार की तरफ से यह हलफनामा तब दायर किया गया जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए अग्निवीर मुरली नाइक की मां ने एक याचिका दायर की थी.

अग्निवीर योजना अल्पकालिक भर्ती
याचिका के जवाब में केंद्र सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल किया गया है. हलफनामे में सरकार का कहना है कि नियमित सैनिकों और अग्निवीरों का वर्गीकरण संवैधानिक रूप से वैध है. सरकार ने अग्निवीर योजना को एक अल्पकालिक भर्ती योजना बताया है. उनके अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के मद्देनजर इस योजना को तैयार किया गया था.