नई दिल्ली | राजधानी में दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही नए ट्रैफिक नियमों का सामना करना पड़ सकता है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक्सप्रेसवे पर अचानक लेन बदलने वाले वाहनों पर सख्ती करने की तैयारी में है. इसके लिए एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है जिससे नियम तोड़ने वालों का स्वत: चालान किया जा सके. जानकारी के अनुसार, राजस्थान क्षेत्र में लगाए गए कैमरों का सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा चुका है. अब अगले सप्ताह से हरियाणा क्षेत्र में लगे कैमरों को भी नई तकनीक से लैस करने का काम शुरू होगा. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अचानक लेन बदलने वाले चालकों की पहचान कर उनका ई- चालान जारी किया जाएगा.

दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है. एक्सप्रेसवे की तीसरी और चौथी लेन में 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक वाहन चलाने की अनुमति है. दूसरी लेन के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा और पहली लेन के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है.
बढ़ जाता है टक्कर का खतरा
कई बार कम गति से चल रहे वाहन अचानक दूसरी लेन में प्रवेश कर जाते हैं. जब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा वाहन अचानक तेज रफ्तार वाली लेन में आ जाता है तब पीछे से आ रहे वाहन के साथ टक्कर का खतरा बढ़ जाता है. लेन बदलने से जुड़े हादसे लगातार सामने आते हैं. NHAI के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर होने वाले कई सड़क हादसों की प्रमुख वजह अचानक लेन बदलना है. विशेष रूप से ट्रक, डंपर और कंटेनर चालक अक्सर बिना संकेत दिए लेन बदलते हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. हरियाणा के मेवात क्षेत्र में ऐसे हादसे अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किए गए हैं.
हर 2 किलोमीटर पर लगा कैमरा
दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पूरी तरह निगरानी प्रणाली के दायरे में है. यहां लगभग हर 2 किलोमीटर पर कैमरे लगाए गए हैं. प्रत्येक कैमरे की निगरानी क्षमता करीब 500 मीटर आगे और 500 मीटर पीछे तक है. इससे एक्सप्रेसवे पर चल रही गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है. एनएचएआई के सोहना परियोजना निदेशक पीके कौशिक के अनुसार, हरियाणा क्षेत्र में कैमरों के सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. उनका कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर और भी कड़ी कार्रवाई के ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है.
दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ती है. हरियाणा का पूरा हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है जबकि राजस्थान के बड़े हिस्से पर भी यातायात शुरू हो चुका है. इससे लोगों का सफर बहुत ही आसान हो जाएगा.