नई दिल्ली | राजधानी में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच अब दिल्ली में ही कराना अनिवार्य होगा. इसके लिए कुल 9 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों पर बिना किसी मानव हस्तक्षेप के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी. इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होगी. राजधानी को इसी महीने दो नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर मिलने जा रहे हैं. नंद नगरी और तेहखंड में इन केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है.

इनके उद्घाटन को लेकर तैयारियां चल रही हैं. पूरी तरह ऑटोमेटेड इन दोनों केंद्रों में सालाना 72- 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता होगी. दावा किया जा रहा है कि ये देश के पहले ऐसे फिटनेस सेंटर होंगे जहां जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानव हस्तक्षेप नहीं होगा. इनका संचालन दिल्ली परिवहन निगम (DTC) करेगा.
दिल्ली के वाहन मालिकों को राहत
इन केंद्रों पर वाहनों की ब्रेकिंग सिस्टम, सस्पेंशन, हेडलाइट एलाइनमेंट, अंडरबॉडी और प्रदूषण उत्सर्जन समेत कई तकनीकी मानकों की जांच पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी. इससे फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया अधिक सटीक बनेगी. दिल्ली में कुल 9 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर विकसित किए जाने हैं. फिलहाल, झुलझुली में एक सेमी- ऑटोमेटेड सेंटर संचालित हो रहा है, जिसे अपग्रेड कर पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाया जाएगा. इसके अलावा, बुराड़ी में नया सेंटर तैयार किया जा रहा है. बवाना, गाजीपुर, सावदा घेवरा, जीटीके डिपो और दिचाऊं कलां में पांच अतिरिक्त ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित करने की योजना है. इन केंद्रों के निर्माण को मंजूरी दिलाने के लिए डीटीसी ने प्रस्ताव सरकार को भेजा है.
मिलेगी आधुनिक सेवा
दिल्ली में वर्तमान में करीब 7 लाख व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं. सभी प्रस्तावित फिटनेस सेंटर शुरू होने के बाद इन वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. वाहन मालिकों को राजधानी में ही आधुनिक सुविधा मिल सकेगी. ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर शुरू होने से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी और फिटनेस जांच प्रक्रिया होगी.