हांसी | यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई हांसी- रोहतक रेल सेवा की एक डेमू ट्रेन इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस रेल लाइन पर रात करीब 1 बजे हांसी से रोहतक के लिए चलने वाली ट्रेन अधिकांश दिनों में लगभग खाली दौड़ रही है. कई बार पूरी ट्रेन में एक भी यात्री नहीं होता फिर भी रेलवे निर्धारित समय पर इसका नियमित संचालन कर रहा है. ऐसे में ट्रेन की उपयोगिता और बढ़ते परिचालन खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं. शनिवार देर रात हांसी रेलवे जंक्शन पहुंचकर ट्रेन की स्थिति का जायजा लेने पर रात करीब 12:40 बजे रोहतक से हांसी पहुंची डेमू ट्रेन में एक भी यात्री नहीं मिला.

रात 1 बजे जब यही ट्रेन हांसी से रोहतक के लिए रवाना हुई तो उसमें भी कोई यात्री सवार नहीं था. स्टेशन पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह कोई नई स्थिति नहीं है. ज्यादातर दिनों में ट्रेन खाली चलती है जबकि कभी- कभार केवल 2- 3 यात्री ही सफर करते हैं.
महिला लोको पायलट संभाल रही जिम्मेदारी
करीब 73 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर ट्रेन रात 1 बजे हांसी से चलकर लगभग 2:40 बजे रोहतक पहुंचती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आधी रात का समय यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है. सुरक्षा और आवागमन की परेशानी के कारण लोग इस समय यात्रा करने से बचते हैं. पहले इस रूट पर चोरी और लूटपाट की घटनाओं की चर्चा के बाद भी लोगों का भरोसा रात की यात्रा से कम हुआ है.
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि रात की इस डेमू ट्रेन का संचालन एक महिला लोको पायलट कर रही थीं. लगभग खाली ट्रेन होने के बावजूद उन्होंने अपने सहयोगी लोको पायलट के साथ निर्धारित समय पर पूरी जिम्मेदारी से ट्रेन का संचालन किया. इससे रेलवे कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा भी देखने को मिली.
इस रूट पर 9 रेलवे ठहराव
हांसी- रोहतक नई रेलवे लाइन पर एक जंक्शन, चार स्टेशन और चार हाल्ट बनाए गए हैं. इस मार्ग पर डोभको को जंक्शन का दर्जा दिया गया है जबकि गढ़ी, मुंढाल, महम और मोखरा स्टेशन हैं. वहीं, सोरखी, बलंभा, खरकड़ा और बहु अकबरपुर को हाल्ट के रूप में विकसित किया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस ट्रेन का संचालन रात 1 बजे के बजाय सुबह या शाम के समय किया जाए तो अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा.