चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही, प्रदेश में बिजली संकट भी गहरा गया है. लगातार बढ़ती बिजली खपत के बीच मानसून सीजन (जुलाई- सितंबर) में पहली बार बिजली मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. PRAVAH पोर्टल के अनुसार, 17 जुलाई को प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग 14,429 मेगावाट दर्ज की गई जबकि 16 जुलाई को यह 14,255 मेगावाट थी. वहीं, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 13,691 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है. पिछले 4 दिनों से प्रदेश के कई जिलों में लगातार बिजली कट लग रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है.

भिवानी के गांव सिरसा घोघड़ा में ग्रामीणों ने बिजली और पानी की समस्या को लेकर देर रात रोहतक रोड जाम कर दिया. हिसार के गंगवा में लोग बार-बार बिजली कटने से परेशान होकर आधी रात को सब स्टेशन पहुंच गए और प्रदर्शन किया.
बिजली गुल
नारनौल की कई कॉलोनियों में पूरी रात बिजली गुल रही, जबकि फतेहाबाद के भूना और रतिया में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इससे पहले रोहतक में भी बिजली कटौती के विरोध में लोगों ने मकड़ौली टोल प्लाजा कुछ समय के लिए फ्री करा दिया था. बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हरियाणा सरकार ने पावर एक्सचेंज से करीब 1,479 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी है. इसके बावजूद कई इलाकों में कटौती जारी है.
यलो अलर्ट जारी
उधर, मौसम विभाग ने शनिवार को 16 जिलों में उमस भरी गर्मी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. पिछले 24 घंटों में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. रोहतक सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, राहत की उम्मीद भी है. मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से मौसम में बदलाव शुरू होगा जबकि 20 और 21 जुलाई को मानसून दोबारा सक्रिय होने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. उत्तरी जिलों में कहीं- कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है.