नई दिल्ली | राजधानी की दिल्ली सरकार की लेट पेमेंट सरचार्ज (LPSC) माफी योजना का लाभ अब तक अपेक्षा से काफी कम लोगों ने उठाया है. गलत और भारी- भरकम पानी के बिलों के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का फायदा लेने से पीछे हट रहे हैं. योजना की अंतिम तिथि 15 अगस्त तय की गई है. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के समय करीब 14.6 लाख उपभोक्ताओं पर पानी का बकाया था. इनमें से अब तक केवल 4,78,999 यानी 32.6 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही योजना का लाभ लिया है, जबकि 67.38 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बकाया अभी भी लंबित है.

सरकार ने यह योजना 14 अक्टूबर 2025 को शुरू की थी. पहले इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दिया गया. योजना के तहत उपभोक्ताओं को केवल मूल बिल की राशि जमा करनी होती है, जबकि ब्याज और लेट पेमेंट सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रहा है.
लगा रहे चक्कर
बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें अचानक बहुत अधिक राशि के बिल भेज दिए गए हैं. कई लोगों का दावा है कि पहले उनके बिल या तो शून्य आते थे या लंबे समय तक जनरेट ही नहीं हुए, लेकिन अब एक साथ भारी बिल थमा दिए गए हैं. बिलों में सुधार कराने के लिए लोग दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो रहा.
सरचार्ज माफ
योजना लागू होने के बाद से दिल्ली जल बोर्ड को 641.11 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 1,709.72 करोड़ रुपये से ज्यादा का ब्याज और लेट पेमेंट सरचार्ज माफ किया जा चुका है. बिल संबंधी विवादों के समाधान के लिए जल बोर्ड ने जोनल रेवेन्यू ऑफिसर स्तर पर समितियां बनाने का फैसला लिया है. ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इसके बावजूद, गलत बिलों की शिकायतें योजना की सफलता में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं.