चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य के 150 राजकीय विद्यालयों के नए भवन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे. इनके डिजाइन और निर्माण में देश के अग्रणी राज्यों के सफल मॉडल और प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.

बैठक में 719 उत्कृष्ट विद्यालयों को और मजबूत बनाने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इनमें संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल और पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों को विकसित कर राज्य के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए आदर्श मॉडल बनाया जाएगा.
आधुनिक शिक्षण संसाधन शामिल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं. इनमें नए भवन, अतिरिक्त कक्षाएं, छात्र- छात्राओं के लिए अलग शौचालय, मजबूत चारदीवारी, खेल मैदान, विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, नया फर्नीचर, टैबलेट और अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी की जाएं.
दिया निर्देश
बैठक में सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब और डिजिटल पुस्तकालय विकसित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बेहतर शिक्षा मिल सके.
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाए. साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, पेयजल और साफ- सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत बनाया जाए.