दिल्ली के कोंडली STP पर NGT की नजर, नियम टूटे तो होगी तत्काल कार्रवाई

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली मयूर विहार फेज- 3 के न्यू कोंडली स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं. एनजीटी ने कहा कि एसटीपी लागू पर्यावरणीय मानकों के अनुसार संचालित हों और इनसे निकलने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

Water Treatment Plant

एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल एसटीपी में आवश्यक उपचारात्मक उपाय किए जा चुके हैं. संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखनी होगी.

तत्काल कार्रवाई

एनजीटी ने डीपीसीसी को निर्देश दिया कि एसटीपी की नियमित जांच की जाए. यदि भविष्य में किसी भी पर्यावरणीय मानक का उल्लंघन सामने आता है तो तत्काल उपचारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही एसटीपी से निकलने वाली दुर्गंध पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है. मामले में डीपीसीसी ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एनजीटी ने डीपीसीसी को इस राशि की जल्द वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. इन निर्देशों के साथ अधिकरण ने मामले से संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया.

10 लाख रुपये का जुर्माना

याचिका में आरोप लगाया गया था कि कोंडली फेज- 1 से 4 तक के एसटीपी से पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. इसमें अनुपचारित पानी के बहाव के साथ दुर्गंध और जहरीली गैसों के उत्सर्जन की शिकायत भी की गई थी. इससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई थी. अधिकारियों के अनुसार, मच्छर नियंत्रण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

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जांच में मानकों का पालन

डीपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अप्रैल 2026 में किए गए नमूना विश्लेषण के दौरान कोंडली फेज-1, 2, 3 और 4 के एसटीपी निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाए गए. दिल्ली जल बोर्ड ने भी अधिकरण को बताया था कि डीपीसीसी की ओर से पहले चिन्हित कमियों को दूर कर दिया गया है और संयंत्र मानकों के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं. वहीं, एमसीडी ने बताया कि इलाके में मच्छरों के प्रजनन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए निवारक और उपचारात्मक कदम उठाए गए हैं.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.