ज्योतिष डेस्क | कजरी तीज (कजली तीज) का व्रत इस साल 31 अगस्त 2026, सोमवार को है. बता दें कि हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. कई जगहों पर रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है. ऐसे में व्रती महिलाओं के लिए चंद्रोदय का समय जानना जरूरी है.
आज के आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने वाले हैं, जिससे आपको यह जानने में आसानी होगी कि आप कब चांद को देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं. इसके लिए आपको हमारे साथ आखिरी तक बने रहना होगा. आईए जानते हैं यहां…
अर्घ्य देने की परंपरा
कजरी तीज पर महिलाएं दिनभर उपवास रखने के साथ तीज माता की पूजा करती हैं. शाम के बाद चंद्रमा के उदय होने का इंतजार किया जाता है. चंद्र दर्शन के बाद जल से अर्घ्य देकर पति की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है. अलग-अलग शहरों में चंद्रमा निकलने का समय अलग हो सकता है. 31 अगस्त को दिल्ली में चंद्रमा रात करीब 8 बजकर 27 मिनट पर निकलने का अनुमान है. इसके आसपास व्रती महिलाएं चंद्र दर्शन और पूजा की तैयारी कर सकती हैं.
नोएडा और गाजियाबाद में समय
नोएडा में रात करीब 8 बजकर 28 मिनट पर चंद्रमा निकलने की संभावना है. वहीं गाजियाबाद में चंद्रोदय लगभग 8 बजकर 29 मिनट पर हो सकता है. वहीं, लखनऊ में कजरी तीज की रात करीब 8 बजकर 25 मिनट पर चंद्रोदय होने का अनुमान है. पटना में चंद्रमा लगभग 8 बजकर 24 मिनट पर दिखाई दे सकता है. चंद्र दर्शन के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकती हैं.
इन शहरों में अनुमानित समय
- गया: रात 7 बजकर 58 मिनट
- प्रयागराज: रात 8 बजकर 11 मिनट
- कानपुर: रात 8 बजकर 19 मिनट
- मथुरा: रात 8 बजकर 24 मिनट
- मेरठ: रात 8 बजकर 28 मिनट
- जयपुर: रात 8 बजकर 39 मिनट
- उदयपुर: रात 8 बजकर 38 मिनट
चंद्रोदय के बताए गए समय में स्थानीय परिस्थितियों के कारण कुछ मिनट का अंतर हो सकता है इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं अपने स्थानीय पंचांग में समय की पुष्टि जरूर कर लें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।
