नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए शुरू की गई परिवर्तन योजना को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को उम्मीद है कि योजना के तहत करीब 25,000 वाहन मालिक पंजीकरण कराएंगे. 14 जुलाई से शुरू हुई इस योजना में अब तक 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव वी. उमाशंकर ने शुक्रवार को योजना की प्रगति की जानकारी दी.
मंत्रालय के मुताबिक, NCR में दो लाख से ज्यादा ट्रक और बस ऐसे हैं जो BS- 4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले हैं. इन पुराने वाहनों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बढ़ावा देना योजना का मुख्य उद्देश्य है.
9585 करोड़ रुपये का बजट
‘परिवर्तन’ योजना को केंद्रीय कैबिनेट ने 3 जून को मंजूरी दी थी. इसके लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इसमें केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये की सहायता शामिल है. योजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड के माध्यम से लागू कर रहा है. पुराने वाहन बदलने वाले पात्र लाभार्थियों को कई तरह की वित्तीय राहत दी जाएगी.
10 साल तक टैक्स छूट
पात्र डीजल और CNG रिप्लेसमेंट वाहनों के लिए हर महीने फ्यूल वाउचर की सुविधा दी जाएगी. वहीं इलेक्ट्रिक रिप्लेसमेंट वाहन खरीदने और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) ट्रेडिंग के लिए एक बार की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध होगी. राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने योजना के तहत पात्र नए वाहनों पर 10 साल तक मोटर वाहन टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी की घोषणा की है.
निर्धारित छूट
वाणिज्यिक वाहन बाजार में 95 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले 15 मूल उपकरण निर्माताओं ने पुराने वाणिज्यिक वाहनों को बदलने पर निर्धारित छूट देने के लिए मंत्रालय के साथ समझौते किए हैं. इनमें मोटर वाहन टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी और वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी शामिल है. इसके अलावा मूल उपकरण निर्माता (OEM) की ओर से कम से कम 8 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी.
