कैथल | गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिवशंकर पुरी की हत्या के बाद अब डेरे के संचालन को लेकर ग्रामीण सामूहिक फैसला लेने की तैयारी में हैं. शनिवार को गांव में एक बार फिर पंचायत बुलाई गई है. इसमें डेरे की व्यवस्था के लिए कमेटी गठित करने और उसके सदस्यों के नाम तय किए जा सकते हैं. शुक्रवार को हुई पंचायत में कमेटी में शामिल किए जाने वाले कई मौजिज ग्रामीणों के नाम सामने आए थे, लेकिन सदस्यों की संख्या पर सहमति नहीं बन सकी.
कमेटी 11, 21 या 31 सदस्यीय होगी, इस पर अंतिम निर्णय शनिवार की पंचायत में लिया जा सकता है. इसके बाद यह भी तय होगा कि डेरे की महंत गद्दी पर किसी सभ्य साधु को जिम्मेदारी दी जाए या गांव की 36 बिरादरी मिलकर इसका संचालन करे.
पशुओं की जिम्मेदारी
साधु की हत्या के बाद डेरे में मौजूद 130 से अधिक दुधारू पशुओं की देखभाल ग्रामीणों की ओर से की जा रही है. इसके लिए अस्थाई तौर पर 4 मजदूर लगाए गए हैं. डेरे में पूजा- पाठ के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलपान और लंगर की व्यवस्था भी ग्रामीण ही संभाल रहे हैं. ग्रामीणों ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को पंचायत में बुलाने के लिए गांव में मुनादी भी कराई है.
ग्रामीण कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, सुभाष और जसविंद्र का कहना है कि डेरे की जमीन, पशुओं और श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान की व्यवस्था पारदर्शी रखने के लिए कमेटी जरूरी है. आय- व्यय का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर रखने का प्रस्ताव भी पंचायत में रखा गया है.
5 आरोपी जेल भेजे जा चुके
साधु शिवशंकर पुरी की हत्या के मामले में पूर्व महंत दूजपुरी समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. आरोपी महंत की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने डेरे की व्यवस्थाएं अपने स्तर पर संभाल ली हैं. वहीं गुरुवार को मृतक साधु को डेरे की जमीन में सनातनी रीति- रिवाज के अनुसार समाधि दी गई थी. अब शनिवार की पंचायत में डेरे के संचालन को लेकर अहम फैसला होने की उम्मीद है.
