नई दिल्ली | 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ने की की चर्चा तेज है लेकिन सेना और रेलवे के रनिंग स्टाफ की सैलरी का हिसाब सामान्य केंद्रीय कर्मचारियों से अलग होता है. इसकी वजह इनके लिए लागू होने वाले विशेष भुगतान और भत्ते हैं. सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी.
आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं. नए फिटमेंट फैक्टर या भत्तों में संभावित बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. ऐसे में 2.5 या 3 गुना वेतन बढ़ने की चर्चाओं को अभी केवल अनुमान माना जा रहा है.
MSP और जोखिम भत्ता
सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मचारियों की आय में मिलिट्री सर्विस पे यानी एमएसपी अहम हिस्सा है. 7वें वेतन आयोग में जेसीओ और अन्य रैंक के लिए एमएसपी 5,200 प्रति माह था. वहीं, कमीशन अधिकारियों के लिए यह 15,500 प्रति माह निर्धारित किया गया था. 8वें वेतन आयोग में एमएसपी कितना बढ़ेगा, यह अभी तय नहीं है. तैनाती के स्थान के हिसाब से सैन्य कर्मियों को जोखिम और कठिन क्षेत्र भत्ते भी मिलते हैं इसलिए दुर्गम इलाकों में तैनात कर्मचारी की कुल सैलरी सामान्य पोस्टिंग वाले कर्मचारी से अलग हो सकती है.
रनिंग अलाउंस अहम
रेलवे के लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ के मामले में किलोमीटर आधारित रनिंग अलाउंस (किलोमीटरज अलाउंस) महत्वपूर्ण है. मौजूदा नियमों के तहत 30% बेसिक पे का रनिंग पे एलिमेंट कुछ सेवा लाभों की गणना में शामिल किया जाता है. रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए 55% अतिरिक्त क्वांटम का प्रावधान भी है. 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे या भत्तों में बढ़ोतरी होती है तो उसका असर सेना और रेलवे रनिंग स्टाफ पर उनके अलग- अलग वेतन ढांचे के अनुसार पड़ेगा इसलिए अभी यह तय मानना सही नहीं होगा कि इनकी सैलरी सामान्य केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में दोगुनी या उससे अधिक बढ़ेगी.
